बलरामपुर। जिला कृषि अधिकारी प्रकाश चंद्र विश्वकर्मा को निलंबित किए जाने पर किसानों में रोष है। भारतीय किसान यूनियन (भानु) के जिलाध्यक्ष बृजेश विश्वकर्मा ने इसे किसान विरोधी कार्रवाई बताया। कहा कि अधिकारी ने किसानों के हित में खाद के काले कारोबार पर नकेल कसी थी जिसका खामियाजा उन्हें निलंबन के रूप में भुगतना पड़ा।
उन्होंने बताया कि अब तक छोटे व्यापारियों पर ही कार्रवाई होती थी जबकि बड़े व्यापारी खाद को महंगे दामों पर बेचते और किसानों को जिंक लेने के लिए मजबूर करते थे। जिला कृषि अधिकारी ने पहली बार बड़े व्यापारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की थी।
किसान नेताओं का आरोप है कि खाद माफिया से सांठ-गांठ रखने वाले कुछ प्रभावशाली उद्योगपतियों और नेताओं ने मिलकर शासन में शिकायत कर अधिकारी को निलंबित करा दिया। इससे जिले के किसानों में गहरा आक्रोश है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द बहाली न हुई तो किसान सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।