उतरौला। प्रस्तावित न्यायालय भवन के निर्माण के लिए भूमि चिह्नित कर शासन को प्रस्ताव नहीं भेजे जाने से अधिवक्ताओं में रोष है। अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों ने उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर स्थानीय स्तर पर भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया में लापरवाही बरते जाने का आरोप लगाया है। अधिवक्ताओं ने जल्द भूमि उपलब्ध कराने के साथ शासन को प्रस्ताव भेजकर न्यायालय भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराने की मांग की है।
अधिवक्ता संघ अध्यक्ष प्रह्लाद यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रमोद सोनी और महामंत्री रवि शंकर मिश्र ने बताया कि उतरौला स्थित बाह्य न्यायालय में वर्तमान में सिविल जज जूनियर डिवीजन और अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन के दो न्यायालय संचालित हो रहे हैं। दोनों न्यायालयों में करीब 25 हजार से अधिक वाद लंबित हैं। बड़ी संख्या में मुकदमों के लंबित होने से वादकारियों को न्याय के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है।
महामंत्री रवि शंकर मिश्र ने बताया कि प्रस्तावित न्यायालय भवन के लिए भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया काफी समय से लंबित है। स्थानीय स्तर पर भूमि चिह्नित कर प्रस्ताव शासन को भेजे जाने में देरी के कारण भवन निर्माण की प्रक्रिया अटकी हुई है। इससे अधिवक्ताओं के साथ वादकारियों में भी असंतोष है।
एसडीएम योगेंद्र शरण शाह ने बताया कि भूमि चिह्नित करने के लिए टीम बनाई गई है। जल्द ही प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।