बलरामपुर। खरझार पहाड़ी नाले के क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मत कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। परियोजना बनाकर क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मत इसी वर्ष कराई जाएगी। 1200 मीटर लंबे तटबंध की मरम्मत होने से 20 गांवों के लोगों को बाढ़ से राहत मिलेगी। क्षेत्र की 10 हजार आबादी को लाभ मिलेगा।
तुलसीपुर तहसील के साहेबनगर, रामगढ़ मैटहवा, शांतिनगर, विजयीडीह, लोहेपनिया, महादेव गोंसाई, औरहिया, रूपनगर, जगरामपुरवा, सुखदेवपुरवा, बरगदही, पूरेछीटन, पटोहाकोट, लहेरी, दांदव, सुगानगर व बनकटवा सहित 20 गांवों के लोगों को खरझार पहाड़ी नाले की बाढ़ का संकट झेलना पड़ता है। महराजगंज तराई-ललिया मार्ग पर खरझार पहाड़ी नाले के पास बना तटबंध कई बार बाढ़ आने व बारिश होने से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे बाढ़ का पानी गांवों में भर जाता है।
पिछले 10 वर्ष से खरझार पहाड़ी नाले के तटबंध की मरम्मत नहीं कराई गई है। तटबंध क्षतिग्रस्त होने से खरझार पहाड़ी नाले में बाढ़ आने पर इन गांवों के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रामगढ़ मैटहवा गांव में बने पंचायत भवन, कंपोजिट व राजकीय विद्यालयों में बाढ़ का पानी भरने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। किसानों की फसल बर्बाद हो जाती है। लोगों के घरों में रखा अनाज भी खराब हो जाता है। कई गांवों की बिजली भी गुल हो जाती है। (संवाद)
10 वर्ष पहले 4.3 करोड़ से बना था तटबंध
वर्ष 2014-15 में चार करोड़ तीन लाख रुपये से खरझार पहाड़ी नाले के पुल से सर्रा गांव तक 1200 मीटर लंबे तटबंध का निर्माण कराया गया था। अवधेश कुमार, सूर्यलाल विश्वकर्मा, धनीराम वर्मा, रामकुमार, कैलाश यादव व राजेंद्र वर्मा ने बताया कि इसके बाद से तटबंध की मरम्मत नहीं कराई गई है। तटबंध क्षतिग्रस्त होने से खरझार नाले के बाढ़ का पानी गांवों में भरता है। तबसे कई बार खरझार पहाड़ी नाले में बाढ़ आने से तटबंध पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।
परियोजना बनाकर कराई जाएगी मरम्मत
खरझार पहाड़ी नाले के जर्जर तटबंध की मरम्मत कराने के लिए परियोजना तैयार की जा रही है। जल्द ही परियोजना शासन को भेजी जाएगी। शासन से बजट मिलने के बाद क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मत कराई जाएगी।
-भरतराम, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड