बलरामपुर। विधान सभा चुनाव के टिकट को लेकर हत्या की साजिश में जेल गए पूर्व सांसद रिजवान जहीर व उनकी बेटी जेबा रिजवान के चुनाव लड़ने को लेकर संशय बरकरार है। उनके रिश्तेदार ने गुरुवार को नामांकन दाखिल करने का दावा तो किया लेकिन अभी तक किसी का नामांकन दाखिल नहीं हो सका है। इससे अब नामांकन के आखिरी दिन शुक्रवार को सायं तीन बजे के बाद ही इनके चुनाव मैदान में उतरने अथवा चुनाव न लड़ने की स्थिति साफ होगी।
पूर्व सांसद रिजवान जहीर व उनकी बेटी करीब चार माह पूर्व ही सपा में शामिल हुए थे। जेबा तुलसीपुर सीट से सपा का टिकट मांग रही थी। बीते दिनों इसी सीट से टिकट के दावेदार सपा नेता व तुलसीपुर नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष फिरोज अहमद पप्पू की हत्या हो गयी थी। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए इस हत्या की साजिश रचने में पूर्व सांसद, उनकी बेटी और दामाद रमीज को आरोपी बनाते हुए जेल भेज दिया। जेल में रहने के बाद भी सांसद समर्थक सपा टिकट के लिए लगातार पैरवी करते रहे। यही कारण रहा कि सपा ने तुलसीपुर सीट से प्रत्याशी के नाम की घोषणा सबसे बाद में बीती 9 फरवरी को करते हुए टिकट सांसद पुत्री जेबा रिजवान को न देकर पूर्व विधायक अब्दुल मशहूद खां को दे दिया। टिकट न मिलने पर पूर्व सांसद के रिश्तेदार अधिवक्ता खुर्शीद अनवर चांद ने बताया कि अब पूर्व सांसद व उनकी बेटी दोनों लोग निर्दलीय ही चुनाव लड़ेंगे।
उन्होंने यह भी बताया था कि गुरुवार को पूर्व सांसद खुद तुलसीपुर सीट से नामांकन करेंगे। इसे लेकर शाम तीन बजे तक कलेक्ट्रेट परिसर के आस पास गहमा गहमी का माहौल रहा। गुरुवार को नामांकन न होने पर जब खुर्शीद से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि नामांकन में अभी एक दिन बाकी है। शुक्रवार शाम तीन बजे तक नामांकन के बाद पूरी तस्वीर खुद साफ हो जाएगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि शनिवार को पूर्व सांसद व उनकी बेटी चुनावी मैदान ताल ठोकने को पर्चा दाखिल करेंगे अथवा नहीं।