बलरामपुर। जरूरी काम से जाने वालों पर पुलिस लाठियां भांज रही है। अधिकतर दुकानें खुली होने के बावजूद लोगों पर घरों से बाहर न निकलने की पाबंदियां लगाई जा रही हैं।
कोरोना महामारी से होने वाली मौत का आकड़ा जिले में शतक पार कर चुका है। कोरोना संक्रमण के बढ़ते रफ्तार पर काबू पाने के लिए जिला प्रशासन ने 17 मई की सुबह 7 बजे तक आंशिक कर्फ्यू लगाया है।
जिले में आंशिक कर्फ्यू का कोई असर भी नहीं दिख रहा है। लोग सड़कों पर बेखौफ होकर धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। कोरोना प्रोटोकाल की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सहालग व ईद के चलते लोग बाजारों में सामानों की खरीदारी के घरों से बाहर निकल रहे हैं।
कोरोना कर्फ्यू के दौरान प्रशासन की तरफ से सुबह 10 बजे से सायं चार बजे तक के लिए जरूरी सेवाओं वाली दुकानों को खोलने का निर्देश दिया गया है। दवाओं, सब्जियों, किराना, फलों व अन्य जरुरी सेवाओं वाली दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई है।
सहालग व ईद के चलते लोगों को कपड़े, जूते-चप्पलों, आभूषणों व अन्य सामानों को बाजारों से खरीदने की जरूरत पड़ रही है जिसके लिए लोगों को घरों से बाहर निकलना पड़ रहा है।
सामानों की खरीदारी के लिए घरों से बाहर निकलने वाले लोगों का आरोप है कि जब प्रशासन ने जरूरी सेवाओं वाली दुकानों को खोलने की अनुमति दी है तो इतनी कड़ाई क्यों की जा रही है।
पुलिस उन पर लाठियां भांज रही है। पुलिस उन्हें सड़क पर घंटों धूप में खड़ी करके प्रताड़ित कर रही है। जिले भर के शहरी व ग्रामीण बाजारों में कोरोना महामारी को रोकने के लिए लगाया गया आंशिक कर्फ्यू का कोई असर नहीं दिख रहा है। लोग सड़कों पर बेखौफ होकर धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं।
कोरोना प्रोटोकाल की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। डीएम श्रुति ने बताया कि वीकेंड लॉकडाउन में जरूरी सेवाएं छोड़कर बाकी सभी लोगों को घरों के अंदर सुरक्षित रहने की हिदायत दी गई है।
कंटेनमेंट जोन में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए निर्देश दिए गए हैं। कोरोना कर्फ्यू का अनुपालन कराने के लिए तीनों तहसीलों के एसडीएम व सीओ के साथ जिले के सभी कोतवाली व थानों के प्रभारी निरीक्षकों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।