बलरामपुर। देश की सबसे बड़ी सरयू राप्ती नहर सिंचाई परियोजना का लोकार्पण करने आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम के दौरान कई चक्र का सुरक्षा घेरा रहेगा। इस दौरान चप्पे-चप्पे की निगरानी को सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे। आयोजन से जुड़ी तैयारियां परखने के लिए सूबे के मुख्यमंत्री योगी भी गुरुवार को कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करने पहुंच रहे हैं।
कार्यक्रम में चाक चौबंद सुरक्षा के लिए आईपीएस एवं कमांडो समेत 3612 सुरक्षा कर्मी तैनात किए जाएंगे। बुधवार को एडीजी जोन गोरखपुर अखिल कुमार तथा डीआईजी देवीपाटन मंडल डा. उपेन्द्र अग्रवाल ने कार्यक्रम स्थल का जायजा लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
पीएम के आयोजन स्थल की सुरक्षा का जिम्मा एटीएस कमांडो, पांच कंपनी पैरा मिलिट्री तथा 6 कंपनी पीएसी संभालेगी। किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने को खुफिया एजेंसियां भी लगातार सक्रिय रहेगी।
आईपीएस, पीईएस, इंस्पेक्टर व एसआई समेत यहां पर कुल 3612 लोगों को तीन चक्रीय सुरक्षा घेरे की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। जो वीवीआईपी, वीआईपी व जनसभा में आने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखेंगे।
जनसभा स्थल पर संदिग्ध वाहनों व संदिग्ध व्यक्तियों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। सादे वर्दी में भी महिला व पुरुषकर्मी कार्यक्रम स्थल पर तैनात रहेंगे। एंटी ड्रोन सिस्टम भी मौकेे पर तैनात किया जाएगा।
आयोजन से जुड़ी तैयारियों का जायजा लेने के लिए सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी गुरुवार को कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री से पहले सुबह 9 बजे जल शक्ति राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख भी कल बलरामपुर पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की सूचना देर रात तक आने की संभावना है।
प्रधानमंत्री के लोकार्पण कार्यक्रम में मंडल के चारो जिलों से जुटने वाली भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए जनसभा का दायरा अब 20 की जगह 30 हेक्टेअर में होगी। रेणुकानाथ मंदिर जाने वाली सड़क के पार भी खेतों से लोग प्रधानमंत्री के उद्बोधन को सुन सकेंगे। कार्यक्रम स्थल के आस पास बैरिकेडिंग की जा रही है ताकि कोई अवांछित व्यक्ति व जानवर कार्यक्रम में बाधा उत्पन्न न कर सके।
बुधवार को जिलाधिकारी श्रुति ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम स्थल पर पहुुंचकर एक बार फिर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान डीएम ने सदर एसडीएम व अन्य अफसरों के साथ मंच, सभा स्थल व हैलीपैड की तैयारी का गहनता से निरीक्षण किया। डीएम ने मातहतों को सभी कार्य समय से पूरा करने का निर्देश दिया। वीवीआईपी, वीआईपी तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए अलग-अलग तीन मंच तैयार किए जा रहे हैं।