फोटो-3-प्रयागराज में राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम आने पर खिलाड़ी सचिन मिश्रा को किया गया
बलरामपुर। जिले के ग्रामीण अंचलों से उभर रही खेल प्रतिभाएं नई कहानी लिख रही हैं। मिट्टी के मैदानों से शुरू हुआ सफर अब राज्य स्तर तक पहुंच रहा है। सीमित संसाधनों के बावजूद गांवों के युवा अपनी मेहनत, अनुशासन और लगन के दम पर पहचान बना रहे हैं। जिले में 793 ग्राम पंचायतों में युवक व महिला मंगल दल का गठन कर युवा कल्याण विभाग इन प्रतिभाओं को निखारने में अहम भूमिका निभा रहा है।
गांवों के मैदान अब प्रतिभाओं के केंद्र बनते जा रहे हैं। दुबौलिया रामपुर समेत कई गांवों में सुबह-शाम युवाओं की दौड़ और अभ्यास ने माहौल बदल दिया है। संतोष कुमार, प्रमोद, आशुतोष और राहुल जैसे खिलाड़ी बताते हैं कि पहले संसाधनों की कमी के कारण नियमित अभ्यास संभव नहीं हो पाता था, लेकिन अब वे संगठित होकर तैयारी कर रहे हैं और बड़े मंच पर पहुंचने का सपना देख रहे हैं। यही कारण है कि बीते मार्च माह में प्रयागराज में आयोजित राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में बलरामपुर के सचिन मिश्रा ने 100 मीटर दौड़ में पहला स्थान हासिल कर जिले का नाम रोशन किया। वहीं कंचन ने भी इसी स्पर्धा में दूसरा स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इसके अलावा भी कई खिलाड़ी जिला और मंडल स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर लगातार आगे बढ़ रहे हैं।
1206 मंगल दलों को वितरित किया जा चुका है खेलकिट
ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को प्रतिस्पर्धा की तैयारी के लिए युवा कल्याण विभाग की तरफ से खेल किट का वितरण किया जाता है। जिले की 793 ग्राम पंचायतों में से 603 में अब तक 1206 युवक व महिला मंगल दलों को खेल किट वितरित की जा चुकी है। प्रत्येक किट में वॉलीबॉल, फुटबॉल, एयर पंप, नेट और फिटनेस सामग्री शामिल है, जिससे ग्रामीण खिलाड़ियों को अभ्यास में सुविधा मिल रही है।