बलरामपुर। जिले के शेखरपुर गांव में स्थायी बाढ़ शरणालय स्थल का निर्माण होगा। छह करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले इस स्थाई आश्रय स्थल के लिए प्रशासन ने भूमि चिन्हित कर निर्माण कार्य संबंधी प्रस्ताव शासन को भेजा है। यह जानकारी एसडीएम सदर राजेंद्र बहादुर ने दी।
उन्होंने बताया कि जिले में हर साल राप्ती नदी में होने वाली कटान से बाढ़ की स्थिति बन जाती है। हर साल 85 गांव बाढ़ से जुड़े लोग बाढ़ से प्रभावित होते हैं। ऐसे में जिले में एक स्थाई बाढ़ शरणालय बनाने की जरूरत शासन से जताई गई थी। स्वीकृति के बाद डीएम अरविंद कुमार सिंह कने निर्देश पर इसके लिए सदर तहसील में जमीन चिह्नित किए जाने का कार्य पूरा हो गया है।
आपदा विभाग को भेजे गए प्रस्ताव के तहत छह करोड़ की लागत से बाढ़ पीड़ितों के लिए एक अत्याधुनिक आश्रय स्थल का निर्माण होगा। जिला आपदा प्रबंधक अरुण सिंह ने बताया कि बाढ़ शरणालय के बनने से आपात स्थिति में प्रभावितों को रोकने, उनके भोजन आदि के इंतजाम करने में प्रभावी मदद मिलेगी। बाकी समय इस स्थल का व्यवसायिक इस्तेमाल करने से प्रशासन की आय भी हो सकेगी।
बाढ़ की विभीषिका से साल 2021 में कल्याणपुर गांव में 66 घरों के साथ स्कूल भी बह गया था। इसमें विस्थापित हुए 66 परिवारों को टेंगनहिया मानकोट में एक ही स्थान पर बसा कर आशियाना तो दे दिया गया। लेकिन परिषदीय स्कूल का निर्माण अभी भी नहीं हो सका।
स्कूल का निर्माण न होने से गांव के बच्चों को पढ़ाई के लिए काफी दूर जाना पड़ रहा है। इससे कई बच्चों की पढ़ाई तक छूट गई है। समाजसेवी सर्वेश सिंह ने बताया कि गांव में स्कूल का निर्माण काफी जरूरी है। सहायक शिक्षा निदेशक राम सागर पति त्रिपाठी ने बताया कि गांव में परिषदीय विद्यालय की स्थापना का कार्य जल्द ही पूरा कराया जाएगा।