बलरामपुर। कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने नदी व सरोवरों में डुबकी लगाई। भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर पूजा-अर्चना की, साथ ही दान पुण्य करके भगवान सूर्य से सुख समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। राप्ती नदी के सिसई घाट सहित कई स्थानों पर मेले का आयोजन भी किया गया।
शुक्रवार की भोर पहर ही श्रद्धालु नदी के घाटों व नजदीकी सरोवर पर पहुंच गए। राप्ती नदी के सिसई घाट व देवीपाटन स्थित सूर्य कुंड में स्नान करने के लिए लोगों की भीड़ जुटी। श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया। गऊ दान व अन्न दान करके भगवान सूर्य से परिवार की खुशहाली व सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। शक्तिपीठ देवीपाटन स्थित सूर्य कुंड में स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने मां पाटेश्वरी के दर्शन भी किए। यहां पर बच्चों का मुंडन संस्कार कराने के लिए पूरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही।
जगह-जगह हुआ मेले का आयोजन
कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर जगह-जगह मेले की धूम रही। राप्ती नदी के तट पर मेले में आस-पास के गांवों से भारी भीड़ जुटी। मेले में लकड़ी से बनी वस्तुओं के अलावा हुक्का, कपड़े, शृंगार की सामग्री, खाद्य सामग्री व कृषि उपकरणों की दुकानें लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रही। बच्चों ने झूले व खाने-पीने की वस्तुओं का भरपूर आनंद लिया। यहां पर समाजसेवियों की तरफ से प्रसाद वितरण व प्याऊ स्टाॅल भी लगाया गया।
नेपालियों ने भी की खरीदारी
जरवा के धोबहा नाला के साथ दुर्गापुर गांव स्थित नाले पर भी मेले का आयोजन किया गया। मेले में आस-पास के गांवों सहित नेपाल से भारी संख्या में लोगों ने पहुंचकर खरीदारी की। इसी तरह महदेइया बाजार के गुमड़ी घाट व उतरौला के शृंगार जोत घाट सहित गैसड़ी, पचपेड़वा, ललिया, महराजगंज तराई, ललिया, मथुरा, हरैया, गौरा चौराहा, पेहर बाजार, सादुल्लाह नगर, रेहरा बाजार व गैड़ास बुजुर्ग आदि स्थानों पर भी मेले का आयोजन किया गया।