बलरामपुर। जिले में सर्दी का प्रकोप जारी है। कड़ाके की ठंड में लोगों की कंपकंपी छूट रही है। कोहरे के कारण लोग दिन में भी वाहन की लाइट जलाकर चल रहे हैं। कई दिन से सूर्यदेव के दर्शन नहीं होने से ठिठुरन बरकरार है। बुधवार सुबह भी घना कोहरा छाया रहा। न्यूनतम तापमान सात व अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
ठंड से राहत दिलाने के लिए जिला प्रशासन की व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है। प्रशासन की ओर से सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने का दावा हवा-हवाई साबित हो रहा है। शहर के गोंडा मार्ग स्थित महारानी धर्मशाला, रोडवेज बस स्टेशन व प्राइवेट बस स्टैंड आदि स्थानों पर अलाव नहीं जल रहे हैं। इससे राहगीरों व रिक्शा व टेंपो वालों को ठंड में राहत नहीं मिल पा रही है।
कड़ाके की ठंड में सर्दी, जुकाम व बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। बच्चों के निमोनिया की चपेट में आने का खतरा बढ़ गया है।
बुधवार को जिला मेमोरियल अस्पताल की ओपीडी में सर्दी, जुकाम के मरीज ज्यादा दिखे। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश के कक्ष में मरीजों की भीड़ रही। इसमें कई बच्चे निमोनिया की चपेट में पाए गए। डॉ. राजेश ने अभिभावकों को सर्दी में बच्चों का विशेष ख्याल रखने की हिदायत दी।
जिला मेमोरियल अस्पताल के सीएमएस डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि इस समय सर्दी, जुकाम व बुखार के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। आम दिनों की अपेक्षा ओपीडी में इनकी संख्या ज्यादा है। बाल रोग विशेेषज्ञ ने बताया कि निमोनिया के साथ ही बच्चों में ठंड के कारण कोल्ड डायरिया के भी लक्षण दिख रहे हैं।
निमोनिया बढ़ने से शिशुओं में जकड़न व बुखार के लक्षण आते हैं। ऐसे लक्षण वाले नवजात का इलाज के साथ ही विशेष ख्याल रखना चाहिए। निमोनिया से बचाव के लिए नवजात शिशु और बच्चों को चार परत के गर्म कपड़े पहनाएं। बच्चों को दास्ताने व मोजे पहनाएं और कानों को हमेशा ढंककर रखें।