बलरामपुर। किसी सड़क की एक किलोमीटर लंबाई में अगर 150 गड्ढे हों तो सोचिए इस सड़क पर चलने वाले लोग 24 किलोमीटर का सफर कितनी दुश्वारियों से पूरा करते होंगे। हरैया सतघरवा क्षेत्र की लाइफ लाईन कहीं जाने वाली हरिहरगंज बरदौलिया मार्ग का ऐसा ही हाल है।
इस सड़क को गड्ढा मुक्त करने की नही बल्कि नवनिर्माण की जरूरत है। अधिकारी व जनप्रतिनिधि अवाम को हो रही कठिनाई के प्रति चुप्पी साधे हुए हैं। लोगों को शीघ्र ही इस सड़क को स्टेट हाईवे बनाने का आश्वासन दिया जा रहा है।
सरकार भले ही प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाने का दम भर रही हो लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों की हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। नेशनल हाईवे के हरिहरगंज से नेपाल सीमा के निकट बाजार बरदौलिया को जोड़ने वाली सड़क चलने के लायक ही नही है।
इस सड़क के एक किलोमीटर में करीब 150 गड्ढे है। 24 किमी की दूरी तय करने से भारी वाहनों को दो घंटे का समय लगता है। चार पहिया व दो पहिया वाहन सवार सड़क के गड्ढों में फंसकर खराब हो रहे हैं। इस सड़क की मरम्मत भी कई बार कराई गई लेकिन इसका कोई लाभ लोगों को नही मिला।
मरम्मत में खर्च किए गए करोड़ो सरकारी रुपये भी इन गड्ढों में डूब गए। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि बीते वर्षो से ही सड़क को स्टेट हाईवे की दर्जा दिलाकर टू लेन बनवाने का आश्वासन तो दे रहे है इसका प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है लेकिन इस प्रस्ताव की मंजूूरी कब मिलेगी इसका जवाब किसी के पास नही है।
क्षेत्र की करीब साढ़े तीन लाख लोगों को जिला मुख्यालय से सीधे यहीं एकमात्र सड़क जोड़ती है। क्षेत्रवासी जय कृष्ण शर्मा, राजकुमार तिवारी, तरूण वर्मा, इलियास, अशफाक व करीम आदि का कहना है कि बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र की यह सड़क हर साल जर्जर हो जाती है।
आलम यह है कि क्षेत्र के लोग इस सड़क से प्रसूता महिलाओं व गंभीर मरीजों को भी जिला मुख्यालय ले जाने से डरते है। इन लोगों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील इस सड़क की पुर्न निर्माण कराया जाए।