बलरामपुर के नगर पालिका रोड पर आयोजित रोजा इफ्तार में शामिल रोजेदार।-संवाद
बलरामपुर। पाक माह रमजान के तीसरे दिन पैगंबर-ए-इस्लाम मुहम्मद साहब की बेटी फातिमा जहरा के यौमे विसाल (पुण्यतिथि) के अवसर पर आयोजन हुआ। नगर पालिका के पास अहलेबैत-ए-अतहार फाउंडेशन की ओर से रोजा इफ्तार-ए-अहलेबैत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रोजदारों ने शिरकत कर रोजा इफ्तार किया और अपने तथा देश की सलामती के लिए दुआ मांगी।
इफ्तार से पूर्व फाउंडेशन के सदर सैयद मोहम्मद बिन जावेद ने सैय्यदा फातिमा के जीवन व चरित्र पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जनाबे फातिमा जहरा दुनिया की तमाम औरतों की सरदार मानी जाती हैं। उनकी शान इतनी बुलंद थी कि खुद रसूल-ए-अकरम अपनी बेटी का बेहद अदब करते थे। उन्होंने हदीस का हवाला देते हुए कहा कि फातिमा मेरे जिगर का टुकड़ा हैं, जिसने उन्हें नाराज किया उसने मुझे नाराज किया।
उन्होंने कहा कि रोजदारों को इफ्तार कराना बड़े सवाब का काम है। रमजान का महीना भाईचारे, सब्र और इबादत का संदेश देता है। अल्लाह हम सबकी दुआएं और इबादत कबूल फरमाए। इस मौके पर सैय्यद अहमद, सैय्यद मसूद, आज़ाद अहमद अंसारी, मास्टर क़मरुल हुदा, मास्टर नफ़ीस अंसारी, सगीर, शब्बन, शहजादे और मेराज वारसी आदि रहे।