जमीन के एग्रीमेंट के अनुसार सौदा करीब 16 करोड़ रुपये में तय हुआ था। यह जमीन पुणे जिले के संवेदनशील इलाके में है। यही कारण है कि एटीएस राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर जांच को आगे बढ़ा रही है। जमीन खरीद-फरोख्त में बेनामी खातों और फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल हुआ है। एटीएस को कुछ ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिनसे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की आशंका प्रबल हुई है। एजेंसी यह भी जांच रही है कि इतनी बड़ी रकम आखिर किस स्रोत से आई और इसका संबंध किस विदेशी संस्था या व्यक्ति से था। सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में एटीएस इस मामले में कई और नामों का खुलासा कर सकती है।