बलरामपुर। जिले में अब पोस्टमार्टम और मेडिकोलीगल रिपोर्ट एक क्लिक पर ऑनलाइन उपलब्ध होगी। इससे जहां रिपोर्ट में देरी की समस्या खत्म होगी। वहीं छेड़छाड़ की संभावना भी नहीं रहेगी। मेडिलेपार सॉफ्टवेयर के जरिए यह नई व्यवस्था शुरू की जा रही है।
संयुक्त जिला चिकित्सालय परिसर में पोस्टमार्टम हाउस है। यहां जिलेभर से सड़क हादसों और अन्य मामलों में मृत लोगों के शव लाकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जाती है। वहीं सरकारी अस्पतालों में घायलों का मेडिकल होता है। इन सभी की रिपोर्ट अभी तक हार्ड काॅपी में रिकार्ड रखा जाता है। इसमें अक्सर छेड़छाड़ की संभावना बनी रहती थी। अब शासन ने एकीकृत सॉफ्टवेयर मेडिलेपार (मेडिको-लीगल रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट) तैयार किया है। शव के पोस्टमार्टम और मेडिकोलीगल की रिपोर्ट को सॉफ्टवेयर के पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
इसके लिए अस्पताल की इमरजेंसी में ड्यूटी कर रहे डॉक्टरों को अब अपनी व्यक्तिगत आईडी बनानी होगी। सॉफ्टवेयर पर लॉगइन करके ही रिपोर्ट फाइनल की जाएगी। रिपोर्ट अब मेडिलेपार पोर्टल पर सीधे अपलोड होगी। ओटीपी आधारित फाइनल सबमिशन से बिना अनुमति बदलाव असंभव होगा। हर केस का विवरण डॉक्टर, फार्मासिस्ट और कंप्यूटर ऑपरेटर की मदद से डिजिटल रूप में फीड किया जाएगा।
मैनुअल व्यवस्था हुई खत्म
अब पोस्टमार्टम और मेडिकोलीगल रिपोर्ट ऑनलाइन मिलेगी। मैनुअल व्यवस्था खत्म हो गई है। ऑनलाइन सुविधा से रिपोर्ट में छेड़छाड़ नहीं हो सकेगी और देरी की शिकायत भी दूर होगी।
— डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी, सीएमओ