बलरामपुर। जिले में पंचायत सहायकों की उपस्थिति को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। डीपीआरओ श्रेया उपाध्याय ने बताया कि नवंबर और दिसंबर 2025 तथा जनवरी 2026 के दौरान विभिन्न विकास खंडों में कार्यरत कुल 246 पंचायत सहायकों ने निर्धारित व्यवस्था के अनुसार अपनी दैनिक उपस्थिति दर्ज नहीं की। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सभी संबंधित पंचायत सहायकों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। तीन दिन में संतोषजनक जवाब न मिलने पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी।
डीपीआरओ ने बताया कि विभागीय पोर्टल का अवलोकन करने पर पाया गया कि उपस्थिति दर्ज न होने के कारण ग्राम पंचायत सचिवालयों का कार्य प्रभावित हुआ और ग्रामीणों को मिलने वाली जनहितकारी सेवाएं समय पर उपलब्ध नहीं हो सकीं। यह शासकीय निर्देशों की अवहेलना के साथ-साथ दायित्वों के प्रति उदासीनता को भी दर्शाती है। बताया कि उतरौला और तुलसीपुर विकास खंड में 19-19, श्रीदत्तगंज विकास खंड में 20 एवं रेहरा बाजार विकास खंड में 34 पंचायत सहायकों ने ऑनलाइन हाजिरी नहीं लगाई।
इसी तरह हरैया सतघरवा विकास खंड में 47, पचपेड़वा विकास खंड में 31, गैसड़ी विकास खंड में 46, सदर विकास खंड में 22 व गैड़ास बुजुर्ग विकास खंड में 8 पंचायत सहायकों की उपस्थिति निर्धारित अवधि में संतोषजनक नहीं पाई गई। सभी मामलों की रिपोर्ट संबंधित सहायक विकास अधिकारी पंचायत के माध्यम से जिला स्तर पर भेजी गई है। कहा कि सभी पंचायत सहायकों को तीन दिवस के भीतर साक्ष्य सहित अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा। निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक उत्तर न मिलने की स्थिति में संबंधित पंचायत सहायकों के विरुद्ध सेवा समाप्ति की कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।