फोटो-24-बलरामपुर में कार्यक्रम के दौरान दुआ मांगते मौलाना ।-संवाद
बलरामपुर। पैगंबर-ए-इस्लाम मोहम्मद साहब के यौमे पैदाइश पर 25 व 26 अगस्त को नगर में निकलने वाले जुलूस-ए-मोहम्मदी को लेकर शुक्रवार को सराय फाटक स्थित ईदगाह के मैदान में बैठक हुई। मुस्लिम धर्मगुरुओं ने निर्णय लिया कि जुलूस में हथियारों का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा। अकीदतमंद इस्लामी लिबास में शामिल होंगे और उलमा की अगुवाई में दरूद शरीफ व इस्लामी नारे लगाते हुए चलेंगे।
बैठक की शुरुआत कारी मोहम्मद नईम ने कुरआन पाक की तिलावत से की। मुस्लिम धर्मगुरू सैय्यद अहमद रजा ने बताया कि 25 अगस्त की रात नौशहरा स्थित बड़ी ईदगाह से जुलूस निकलेगा। यह जुलूस वीर विनय चौराहा, सराय फाटक और पुरानी चौक होते हुए वापस सराय फाटक पहुंचेगा। 26 अगस्त की सुबह 8:30 बजे बड़ी ईदगाह से जुलूस निकलकर पारंपरिक मार्गों से होते हुए वीर विनय चौराहा स्थित प्राइवेट बस स्टेशन पर समाप्त होगा। मौलाना मोहम्मद उमर और मौलाना अहमद रजा ने सभी अकीदतमंदों से जुलूस में शामिल होने की अपील की। सदर हाफिज शब्बू ने बताया कि अंजुमन गुलामाने मुस्तफा नौजवान कमेटी की तरफ से वीर विनय चौराहा पर आकर्षक गेट और चौक बाजार तक रंगीन झालरें सजाई जाएंगी। मौलाना अब्दुल वहाब, मास्टर मोहम्मद हसन कुरैशी और मौलाना सादिक ने हुड़दंग, स्प्रे का छिड़काव, हथियारों का प्रदर्शन और गैर इस्लामी नारों से बचने की अपील की।
सलातो सलाम के बाद देश की तरक्की, सलामती और आपसी भाईचारे की दुआ के साथ बैठक समाप्त हुई। इस अवसर पर सैय्यद अहमद उल्लाह, कारी इकरार अहमद, हाजी समर जावेद, शाबान अली, मौलाना कासिम अख्तर और मौलाना कय्यूम अहमद सहित तमाम लोग मौजूद रहे।