बलरामपुर। अपर सत्र न्यायाधीश ने दुष्कर्म के दोषी को नौ वर्ष के कारागार की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने दोषी को 56 हजार रुपये अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया है। अर्थदंड में से 45 हजार रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में देने का आदेश न्यायाधीश ने दिया है।
रेहरा बाजार की एक महिला ने थाने में शिकायती पत्र दिया था। आरोप लगाया था कि 31 अक्तूबर, 2013 को पति धनीराम के साथ मायके से आईं और उन्हीं के कहने पर इरशाद के साथ ट्रेन में बैठकर भोपाल आ गईं। आरोप लगाया कि इरशाद ने भोपाल में उनके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया तो पीड़िता ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। न्यायालय के आदेश पर दुष्कर्म का मुकदमा 25 फरवरी, 2014 को दर्ज हुआ था।
जांच के बाद पुलिस ने इरशाद के खिलाफ दुष्कर्म के मामले में आरोपपत्र न्यायालय में पेश किया था। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद न्यायाधीश ने इरशाद को दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए नौ वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को 26 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।