बलरामपुर। जिले में 800 नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को पिछले कार्यकाल की बची 28 करोड़ रुपये की धनराशि सौगात के रुप में मिलेगी। ग्राम पंचायतों के पास पहले से उपलब्ध धनराशि नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान गांवों के विकास कार्यों पर खर्च कर सकेंगे।
जिले के 800 ग्राम पंचायतों में पिछले कार्यकाल के दौरान ग्राम प्रधान यह धनराशि खर्च नहीं कर सके थे। कोरोना काल के चलते जिले के नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को ऑनलाइन शपथ दिलाने की तैयारियां की जा रही हैं। जिले के नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों का ब्योरा जुटाया जा रहा है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2021 के दौरान जिले में 800 की तुलना में 799 ग्राम पंचायतों में नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को प्रमाण पत्र दिया जा चुका है। पचपेड़वा ब्लॉक के ग्राम पंचायत औरहवा में प्रधान पद के उम्मीदवार जलालुद्दीन रहवर की मौत हो जाने के चलते 9 मई को मतदान होगा और 11 मई को मतगणना कराकर जीतने वाले उम्मीदवार को प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
11 मई के बाद जिले के सभी ग्राम पंचायतों में नवनिर्वाचित सरकार का गठन कराने की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी। नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को पिछले कार्यकाल के दौरान खर्च न हो पाने के चलते बची धनराशि करीब 28 करोड़ रुपये सौगात के रुप में मिल जाएगी।
15वां वित्त आयोग की 22 करोड़ रुपये और राजवित्त आयोग की छह करोड़ रुपये नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को गांवों के विकास पर खर्च करने के लिए मिलेगी। पिछले कार्यकाल के दौरान 15वां वित्त से 22 करोड़ रुपये और राजवित्त से प्रथम किस्त के रुप में 10 करोड़ रुपये व दूसरी किस्त के रुप में चार करोड़ रुपये की धनराशि मिली थी।
15वां वित्त से एक भी पैसा खर्च नहीं हो सका था जबकि राजवित्त आठ करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को 15वां वित्त आयोग की धनराशि पंचायत भवन और सामुदायिक शौचालयों के निर्माण पर खर्च करने का मौका मिलेगा।
राजवित्त आयोग की धनराशि को जिले के 1840 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट स्कूलों के आपरेशन कायाकल्प, हैंडपंप मरम्मत व रिबोर, स्वच्छता और सैनिटाइजेशन आदि पर खर्च कर सकेंगे। डीपीआरओ कार्यालय के डीपीएम संदीप कश्यप ने बताया कि जिले के सभी 799 ग्राम पंचायतों में नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों का नाम, उम्र, कितनी बार जीते, कितनी बार से प्रधान है और उनका शैक्षिक ब्योरा जुटाया जा रहा है।
बाकी बचे एक ग्राम प्रधान का ब्योरा 12 मई के बाद लिया जाएगा। सभी ग्राम प्रधानों का ब्योरा जुटाने के बाद शासन को भेजा जाएगा। कोरोना काल के चलते इस बार जिले के सभी नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को ऑनलाइन शपथ दिलाने की संभावना है।