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Balrampur News: नेटवर्क फेल, बाजार में दो गुना दाम पर बिक रही खाद

Tue, 28 Jul 2026 11:18 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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फोटो-1-बलरामपुर के उर्वरक की दुकान पर किसानों से जानकारी लेते जिला कृ​षि अ​धिकारी उपेंद्र नाथ ख
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बलरामपुर। खरीफ सीजन के समय समितियों पर खाद न मिलने से किसानों को यूरिया के लिए भटकना पड़ रहा है। समितियों पर नेटवर्क फेल होने की समस्या के कारण किसानों को बाजार में दोगुना अधिक दाम चुका कर यूरिया खरीदना पड़ रही है। निजी दुकानों पर ओवररेटिंग के साथ ही टैगिंग का खेल भी बेखौफ चल रहा है। सुबह से लाइन में खड़े रहने के बाद भी किसान खाली हाथ लौट रहे हैं। किसानों की लगातार शिकायत के बाद चेते कृषि विभाग के जिम्मेदारों ने बीते दिनों दो उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी की है।
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जिले में करीब 1.30 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई हो चुकी है। बारिश थमने के बाद किसानों ने निजी संसाधनों से सिंचाई शुरू कर दी है। ऐसे समय धान की बढ़वार के लिए यूरिया सबसे जरूरी है, लेकिन समितियों पर नेटवर्क की समस्या किसानों के लिए नई मुसीबत बन गई है। कई केंद्रों पर पीओएस मशीनें नेटवर्क नहीं पकड़ रही हैं, जिससे खाद वितरण घंटों तक बाधित रहता है। कई किसान सुबह से शाम तक इंतजार करने के बाद भी बिना खाद के लौटना पड़ रहा है। इसका फायदा निजी उर्वरक विक्रेता उठा रहे हैं।
किसानों का आरोप है कि निर्धारित मूल्य पर यूरिया देने के बजाय उन्हें जिंक और अन्य उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। कई दुकानों पर प्रति बोरी यूरिया के बदले 400 से 450 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। खेत बचाने की चिंता में किसान अतिरिक्त पैसे देने को विवश हैं। डीएम डॉ. विपिन कुमार जैन के निर्देश पर जिला कृषि अधिकारी उपेंद्र नाथ खरवार के नेतृत्व में चलाए जा रहे औचक निरीक्षण अभियान में इन शिकायतों की पुष्टि भी होने लगी है।
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दो दुकानों का बिक्री लाइसेंस निरस्त, एक को नोटिस
रविवार को गैड़ास बुजुर्ग के जनकपुर बैरियर स्थित मैसर्स यादव ट्रेडर्स पर टीम पहुंची तो संचालक दुकान बंद कर मौके से चला गया। मौके पर मौजूद किसान मुकेश कुमार यादव ने अधिकारियों को बताया कि एक बोरी यूरिया के साथ एक किलो जिंक खरीदने के लिए उनसे 400 रुपये लिए गए। जिला कृषि अधिकारी उपेंद्र नाथ खरवार ने बताया कि जांच के दौरान स्टॉक, पीओएस मशीन और बिक्री अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जा सके। इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए दुकान का उर्वरक विक्रय लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। जुआथान स्थित एक उर्वरक दुकान पर हुई जांच में भी अभिलेखों में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित विक्रेता का लाइसेंस निरस्त करने व एक विक्रेता को नोटिस जारी करने की कार्रवाई की गई है।
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