बलरामपुर। जिले से जुड़ी नेपाल राष्ट्र की खुली सीमा तस्करों के लिए वरदान साबित हो रही है। एसएसबी तथा पुलिस को चकमा देकर तस्कर करोड़ों रुपये के मादक पदार्थ देश में पहुंचा रहे हैं। नेपाल से बीते दिनों रिश्तों में हुई खटास का भी इस धंधे पर कोई असर नहीं दिख रहा है।
जिले की करीब 80 किमी लंबी सीमा नेपाल राष्ट्र से सटी हुई है। इस सीमा पर तमाम पगडंडी रास्तों का इस्तेमाल दोनों देशों के लोग करते हैं। दोनों देशों के बीच रोटी बेटी का संबंध भी है। इसी खुली सीमा का लाभ तस्कर भी उठा रहे हैं। यह लोग एसएसबी तथा पुलिस को चकमा देकर करोड़ों रुपये के मादक पदार्थ जिले के रास्ते दिल्ली, पंजाब व महाराष्ट्र आदि प्रदेशों में पहुंचा रहे हैैं।
यह खुलासा पकड़े गए तस्करों ने पूछताछ में भी किया है। तस्करी के इस धंधे में भारत तथा नेपाल राष्ट्र के अपराधी शामिल है। यह अपराधी चरस, कोकीन, हेरोइन, गांजा व हशीस आदि की तस्करी कर रहे हैं। इसके साथ-साथ अवैध असलहा, नकली नोट व उर्वरकों की भी तस्करी हो रही है। इसकी पुष्टि पूर्व में पकड़े गए तस्करों ने भी की है।
मानव तस्कर भी हैं सक्रिय
मादक पदार्थों व सामानों के साथ-साथ नेपाल सीमा पर मानव तस्करी की घटनाएं भी आए दिन होती रहती है। एसएसबी ने कई बार तस्करी कर भारत लाई जा रही नेपाली लड़कियों को तस्करों से मुक्त कराकर उन्हें वापस नेपाल प्रहरी के हवाले किया है। मानव तस्कर नेपाली गरीब परिवारों की मजबूरी का फायदा उठाते हैं।
दिन-रात निगरानी करती एसएसबी
नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल के जवान देश विरोधी गतिविधियों तथा तस्करी आदि को रोकने के लिए दिन रात निगरानी करते है। इसके अलावा सीमा क्षेत्र की पुलिस तथा खुफिया एजेंसियां भी इन पर नजर रखती हैं। इसके बावजूद तस्कर अपने मंसूबों को अंजाम देने में सफल दिख रहे हैं। अभी करीब 15 दिन पूर्व पचपेड़वा थाने की पुलिस ने गश्त के दौरान 25 लाख की चरस के साथ दो नेपाली तस्करों को गिरफ्तार किया था।
रखी जा रही कड़ी नजर
नेपाल की खुली सीमा पर तस्करी तथा अन्य राष्ट्र विरोधी गतिविधि रोकने के लिए कड़ी नजर रखी जा रही है। एसएसबी से समन्वय स्थापित कर तस्करों व अन्य अराजकतत्वों को दबोचकर जेल भेजा जा रहा है। गत वर्षों की अपेक्षा अब सीमा पार से तस्करी व अन्य अपराधों में भारी कमी आई है।
- हेमंत कुटियाल, एसपी, बलरामपुर