बलरामपुर। मंडल स्तरीय ताइक्वांडों प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतने वाली जिले की ताइक्वांडों टीम पर शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही काफी भारी पड़ी। मिर्जापुर में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने गई छात्र व छात्राओं की टीम को सत्यापन न हो पाने के कारण इंट्री ही नहीं मिल सकी। इस कारण खिलाड़ियों को बिना खेले ही मायूस व हताश होकर लौटना पड़ा।
इससे हुई किरकिरी के बाद अब विभागीय जिम्मेदार इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सेदारी के लिए छह बालिकाओं व तीन छात्रों को स्टेट प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए बिना सत्यापन रिपोर्ट के ही भेजे दिया गया। 350 किलोमीटर की दूरी तय कर प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए मिर्जापुर पहुंचे इन छात्र-छात्राएं को आयोजकों ने सत्यापन रिपोर्ट न होने के कारण इंट्री तक देने से इंकार कर दिया। इससे मायूस होकर खिलाड़ियों को बिना खेले ही प्रतियोगिता से वापस लौटना पड़ा।
मंडल स्तरीय प्रतियोगिता में जिले की खिलाड़ी प्राची शुक्ला, सदफ अनवर, प्रज्जवला सिंह, पलक शुक्ला, शिवानी, चांदनी वर्मा, श्रेयांस पांडेय, आयुष भाई पटेल व मो. आकिब अंसारी ने जमकर पसीना बहा कर गोल्ड मेडल प्राप्त किया था। इसके बाद इनका चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए होने पर सभी में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में कुछ उत्कृष्ट करने की इच्छा हिलोरे मारने लगी थी।
बीती चार दिसंबर को यह खिलाड़ी अपने परिजनों के साथ स्टेट प्रतियोगिता में हिस्सेदारी को पहुंचे। प्रवेश के लिए जब टीम के प्रपत्रों की जांच की गई तो पता चला कि फार्म का सत्यापन ही नहीं हुआ है। सत्यापन की जिम्मेदारी माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की थी। जिन्हें चयनितों की सूची राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए भेजी जानी थी। टीम में शामिल एक छात्रा के परिजन का कहना है कि इससे बेटियों को आगे बढ़ाने की कवायद को झटका लगा है। बमुश्किल हम अपनी बच्चियों को शहर से इतनी खेलने के लिए भेजने को राजी हुए थे।
जिला विद्यालय निरीक्षक गोविंद राम ने बताया कि राज्य स्तरीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में खिलाड़ियों को प्रवेश क्यों नहीं दिया गया, इसकी जांच कराई जाएगी। जांच में फार्म सत्यापन करने में लापरवाही बरतने की पुष्टि होने पर संबंधित जिम्मेदार के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई होगी।
खिलाड़ियों के साथ हुआ अन्याय
मंडलीय खेल सचिव स्टेट श्वेता मिश्रा ने कहा कि मंडलीय प्रतियोगिता में चुने जाने के बाद भी खिलाड़ियों को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग न कर पाना दुखद है। इस संबंध में जिलाधिकारी को भी अवगत कराया गया है। इस मामले में जिसकी भी लापरवाही से युवा प्रतिभाओं को प्रतियोगिता में हिस्सेदारी का अवसर नहीं मिला है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित कराने का मंडलीय समिति पूरा प्रयास करेगी।
प्रतिभाग करने से वंचित रही खिलाड़ी पलक शुक्ला ने बताया कि विभागीय लापरवाही के कारण हम लोगों को राज्य स्तरीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में खेलने का मौका नहीं मिला। परिवार वालों ने बमुश्किल घर से दूर मिर्जापुर जाकर खेलने पर सहमति जताई थी। अब बिना खेले ही वापस लौटना काफी खल रहा है।