बलरामपुर। राष्ट्रीय महिला आयोग नई दिल्ली की सदस्य चंद्रमुखी देवी ने सोमवार को जिले में बाल विवाह पर गहरी चिंता जताई। विभागीय अफसरों को बाल विवाह रोकने के संबंध में अभियान चलाने का निर्देश दिया। योजनाओं की समीक्षा कर सभी अफसरों के राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ने पेंच कसे। कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों व कानून व्यवस्था की गहन समीक्षा हुई।
समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ने कहा कि जिले के सभी 2221 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में बेटियों के लिए अलग से शौचालय निर्माण कराए जाएं और सेनेटरी नैपकीन वितरण की व्यवस्था कराई जाए। ड्राप आउट बेटियों को स्कूलों में दाखिला दिलाया जाए। अभिभावकों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाए।
जिला, मंडल व राज्य स्तर पर प्रतियोगिताएं कराकर बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित कर उन्हें पुरस्कृत करें। स्वास्थ्य विभाग में महिला कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं मातृत्व योजना, जननी सुरक्षा का लाभ सबको पहुंचाया जाए। महिला चिकित्सकों की तैनाती कराने के संबंध में राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ने निर्देश दिया। गर्भवती महिलाओं को शत प्रतिशत धनराशि देने के संबंध में अपर सीएमओ को निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, वृद्धा, विधवा, दिव्यांग पेंशन का लाभ सभी तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों को सही ढंग से संचालित कराया जाए। सुपोषण मेला लगाकर लोगों को जागरूक किया जाए। डीपीओ केएम पांडेय से विभागीय योजनाओं के बारे में राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ने गहन समीक्षा की। जिला प्रोबेशन अधिकारी सतीश चंद को जिले में फैले बाल विवाह पर रोक लगाने, पीड़िताओं को तत्काल सहायता राशि दिए जाने, राष्ट्रीय अजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों का गठन कराने के निर्देश डीसी एनआरएलएम को दिया।
सीओ सिटी आरआर सिंह के साथ महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिए जाने, पोस्को एक्ट के तहत तत्काल कार्रवाई किए जाने, दुष्कर्म, घरेलू हिंसा आदि घटनाओं में कार्रवाई के साथ साथ कोर्ट में प्रभावी पैरवी करने का निर्देश दिया। सभी विभागों के अफसरों के साथ राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ने गहन समीक्षा की। इस अवसर पर एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुुमार शुक्ल, अपर सीएमओ डॉ. एके सिंघल, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पवन कुमार सिंह व जिला महिला कल्याण अधिकारी राघिनी मिश्रा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।