बलरामपुर। उतरौला ब्लॉक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिपरा एकडंगा में मरीजों को वितरण के लिए भेजी गईं दवाएं जला दी गईं। परिसर में कूड़े व डस्टबिन के बीच हजारों बोतल आयरन फोलिक एसिड व ओआरएस डंप है। एक्सपायर दवाओं की हकीकत छिपाने के लिए फार्मासिस्ट स्टोर कक्ष दिखाने से इंकार कर देते हैं। पीएचसी में डॉक्टर नदारद मिले। फार्मासिस्ट मरीजों का उपचार करते मिले।
पिपरा एकडंगा पीएचसी परिसर के पीछे झाड़ियों में शनिवार को विटामिन की टेबलेट समेत कई दवाएं जलाई गईं हैं। कुछ दवाओं के अधजले रैपर झाड़ियों में बिखरे पड़े हैं। इसके आसपास ग्लूकोज की कई बोतलें भी बिखरी हैं। पीएचसी के एक कमरे में खराब कूलर व कूड़ेदान के साथ 24 गत्ते आयरन फोलिक एसिड व 12 गत्ता ओआरएस भी डंप मिला। दूसरे कमरे में दो ऑक्सीजन कन्सेंट्रेटर व दवा काउंटर के पास रखा ऑक्सीजन सिलेंडर का रेेगुलेटर धूल फांक रहा है। स्टोर दिखाने के लिए फार्मासिस्ट ने कक्ष का ताला खोलने से मना कर दिया।
पीएचसी पिपरा एकडंगा में डॉ. पंकज, डॉ जुबेर, वार्ड ब्वाय कुंजबिहारी व स्वीपर अमर अनुपस्थित थे। वहीं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिपरा में डॉ. यासिर खान व एएनएम गीता देवी ड्यूटी से नदारद मिलीं। मरीज बड़का, सुशीला देवी व रमेश ने बताया कि डॉक्टर कभी-कभार ही आते हैं, फार्मासिस्ट से इलाज कराना मजबूरी है। मरीज लक्ष्मी, सबीना व सलाहुद्दीन ने बताया कि पीएचही में डॉक्टर कम ही आते हैं, फार्मासिस्ट ही दवा देते हैं। कुछ दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ती हैं।
सीएमओ डॉ. सुशील कुमार का कहना है कि सभी चिकित्सकों को समय से अस्पताल में ओपीडी करने का निर्देश दिया गया है। ड्यूटी से अनुपस्थित चिकित्सकों से पूछताछ की जाएगी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिपरा एकडंगा में दवाएं जलाने की जानकारी नहीं है। जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।