बलरामपुर। दहेज हत्या के मामले में न्यायालय ने पति को आजीवन कारावास व ससुर को दस साल के कारावास की सजा दी है। इसके साथ ही दोनों पर 35-35 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कुलदीप सिंह ने बताया कि 22 सितंबर 2016 को मुरारीलाल ने तुलसीपुर थाने में तहरीर दी थी। इसमें बताया कि चार वर्ष पहले अपनी बेटी गुंजन गुप्ता की शादी चरनगहिया गांव निवासी प्रहलाद से की थी। दहेज में सोने की अंगूठी व चेन न मिलने पर पति प्रहलाद व ससुर बुझावन ने गुंजन को मार डाला।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना की और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर दोनों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला जज लल्लू सिंह ने पति प्रहलाद व ससुर बुझावन को दोषी करार दिया। जिला जज ने शनिवार को पति को आजीवन कारावास व ससुर को दस साल कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 35-35 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषियों को 15-15 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।