बलरामपुर। एमएलके पीजी कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग में शनिवार को नवाचार, समाज और अर्थव्यवस्था में बौद्धिक संपदा अधिकार विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें नवाचार की ओर आगे बढ़ने पर जोर दिया गया। कामयाबी मिलने की बात कही गई।
राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा प्रबंधन वाणिज्य मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग व विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के तत्वावधान में हुए सम्मेलन का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कर रहे राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर वीके श्रीवास्तव ने बौद्धिक संपदा अधिकारों के महत्व और समाज पर इसके प्रभाव पर जोर दिया।
कहा कि यह एक समसामयिक विषय है। विभिन्न केस स्टडी के माध्यम से बौद्धिक संपदा को स्पष्ट किया और बताया कि हमारे पास क्षेत्र है, ज्ञान है लेकिन जरूरत है इन सभी को एक जगह व्यवस्थित करने की। इसी से बौद्धिक संपदा की स्थिति अच्छी हो सकती है। इस बात पर जोर दिया कि कैसे हमारे प्रोडक्ट्स की लीगल राइट्स होनी चाहिए। बताया कि इसी से बौद्धिक संपदा की स्थिति बेहतर हो सकती है।
मुख्य वक्ता लखनऊ विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर एमके अग्रवाल ने नवाचार और अर्थव्यवस्था में बौद्धिक संपदा की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। कहा कि भारत को नवाचार की तरफ आगे बढ़ना है। भारत को अपने मॉडल से स्टार्ट अप के कल्चर को आगे बढ़ाना है। अपनी संस्कृति के अनुसार और अपनी फिलोसॉफी के अनुसार इसको बढ़ावा देना है। कहा कि हम जो भी करें वह अनैतिक न हो और सत्य पर आधारित हो। इससे मिलने वाली कामयाबी हमें सबसे खास बनाएगी।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर जेपी पांडेय ने बताया कि कैसे नवाचार सभी रचनात्मकता के लिए एक प्रेरक शक्ति है। प्रबंध समिति के संयुक्त सचिव बीके सिंह ने बौद्धिक संपदा के क्षेत्र में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर बल दिया।
आयोजन सचिव डॉ. प्रखर त्रिपाठी ने सम्मेलन के विषय पर प्रकाश डाला। संचालन डॉ. स्वदेश भट्ट और डॉ. मनोज सिंह ने किया। कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर तब्बसुम फरखी ने राष्ट्रीय प्रत्यायन और मूल्यांकन परिषद के कार्यों और इस सम्मेलन से इसके संबंधों पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर प्रोफेसर राजेश कुमार सिंह, प्रोफेसर पीके सिंह, प्रोफेसर राघवेंद्र सिंह, प्रोफेसर एस पी मिश्रा, प्रोफेसर वीना सिंह, सम्मेलन के समन्वयक डॉ. आशीष लाल, डॉ प्रमोद यादव, संदीप यादव, दिनेश कुमार, डॉ ऋषि रंजन, डॉ जितेंद्र कुमार, डॉ बीएल गुप्ता, आनंद प्रताप त्रिपाठी, राजेश मणि त्रिपाठी सहित अन्य मौजूद रहे।