बलरामपुर। आयुर्वेद के माध्यम से लोगों का इलाज करने की दिशा में जिले में एक कदम और बढ़ाया गया है। जनपद में 50 बेड का आधुनिक अस्पताल बनाने के लिए जिला आयुर्वेदिक अधिकारी ने जमीन आवंटन के लिए डीएम को प्रस्ताव भेजा है। अस्पताल बन जाने के बाद जटिल से जटित बीमारियों का इलाज आयुर्वेद के माध्यम से आधुनिक तरीके से किया जा सकेगा।
कोरोना संक्रमण में आयुर्वेद चिकित्सा की महत्ता सामने आने के बाद इसके विस्तार की कवायद तेज कर दी गई है। आयुर्वेदिक अस्पतालों में भारी मात्रा में दवाएं आ रही हैं। जिले में 19 डॉक्टरों की तैनाती भी की गई है।
जिले के सात अस्पतालों में चिकित्सकों की तैनाती करने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं शहर में 50 बेड का आधुनिक आयुर्वेदिक अस्पताल खोलने के लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है। जमीन आवंटन के लिए डीएम को प्रस्ताव भेजा गया है।
जिले में आधुनिक आयुर्वेदिक अस्पताल बन जाने के बाद सामान्य के साथ पंच कर्म, षटकर्म, शल्य, शालाक्य चिकित्सा, योग थैरेपी व यूनानी के साथ विभिन्न प्रकार की वैकल्पिक चिकित्सा शुरू होगी। बच्चों व महिलाओं के लिए कौमार भृत्य, विषैले जानवरों का विष दूर करने के लिए अगद तंत्र के साथ मिट्टी, यूनानी व योग प्राकृतिक समेत अन्य इलाज पद्धतियों के शुरू होने की उम्मीद है।
जिले के विभिन्न आयुर्वेदिक अस्पतालों में महिला चिकित्सकों की तैनाती की जा चुकी हैं। नहर बालागंज में डॉ. सीमा त्रिपाठी, संझवल में शामिनी गुप्ता, गोसाईडीह में डॉ. प्रगति पटेल व पिपरी कोल्हुई में डॉ. दुर्गेश नंदिनी की तैनाती हुई हैं। यह चिकित्सक महिलाओं की समस्याएं सुनकर उनका बेहतर इलाज कर रही हैं।