बलरामपुर। स्कूलों के सिमटते खेल मैदानों को लेकर अमर उजाला की ओर से 21 जुलाई से शुरू की गई मुहिम का असर अब दिखने लगा है। जिले में ग्रामीण प्रतिभाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने और वर्षों से उपेक्षित मैदानों को विकसित करने के लिए विकास विभाग, नगर पालिका, जिला पंचायत और शिक्षा विभाग ने ठोस पहल शुरू कर दी है। सबसे बड़ी योजना के तहत जिले की 101 न्याय पंचायतों में आदर्श खेल मैदान विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा नगर पालिका परिषद बलरामपुर शहर के दो विद्यालयों के मैदानों का कायाकल्प करेगी, जबकि जिला पंचायत ने तुलसीपुर में आधुनिक स्पोर्ट्स ग्राउंड के निर्माण के लिए 30 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में खेल मैदानों के अभाव के कारण बच्चे सड़कों और गलियों में खेलने को मजबूर हैं। कई विद्यालयों में खेल का पीरियड केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। ऐसे में पंचायत स्तर पर सुरक्षित और सुविधायुक्त खेल मैदान तैयार होने से कबड्डी, वॉलीबॉल, फुटबॉल, एथलेटिक्स सहित अन्य ग्रामीण खेलों को नई पहचान मिलेगी।
मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्त ने बताया कि प्रत्येक न्याय पंचायत में उपलब्ध सरकारी भूमि का चिह्नांकन कर खेल मैदान विकसित किए जाएंगे। आवश्यकता के अनुसार समतलीकरण, बाउंड्री, रनिंग ट्रैक तथा अन्य बुनियादी खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। बारिश समाप्त होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। ब्लॉकवार लक्ष्य भी तय कर दिए गए हैं। बलरामपुर में 17, हर्रैया सतघरवा में 14, गैसड़ी में 13, तुलसीपुर में 12, पचपेड़वा में 11, रेहरा बाजार और श्रीदत्तगंज में 10-10, उतरौला में आठ तथा गैंडास बुजुर्ग में छह खेल मैदान विकसित किए जाएंगे।
जनप्रतिनिधियों ने भी बढ़ाया सहयोग
सदर विधायक पल्टूराम ने खेल मैदानों के विकास के लिए बड़े स्तर पर पहल का भरोसा दिया है। उन्होंने चीनी मिल, बैंकों और अन्य संस्थानों के सीएसआर फंड से भी खेल मैदान विकसित कराने की रणनीति बनाने की बात कही।
नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह ''धीरू'' ने बताया कि शहर के दो विद्यालयों के खेल मैदानों को विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। मैदानों का समतलीकरण कर उन्हें खेल प्रतियोगिताओं के अनुकूल बनाया जाएगा।
जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी ने बताया कि तुलसीपुर में आधुनिक खेल मैदान के निर्माण के लिए 30 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। अन्य स्थानों का सर्वे कर वहां भी खेल मैदान विकसित किए जाएंगे।
सितंबर से शुरू होंगी माध्यमिक विद्यालयों की प्रतियोगिताएं
जिला विद्यालय निरीक्षक मृदुला आनंद ने बताया कि सितंबर से माध्यमिक विद्यालयों में खेल प्रतियोगिताएं शुरू कराई जाएंगी। इसके लिए 10 खेल शिक्षकों की टीम गठित की गई है। साथ ही खेल मैदानों के संरक्षण और विद्यार्थियों में खेल भावना विकसित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का बेहतर अवसर मिलेगा।
फोटो-41-बलरामपुर के सिंगाही में बना खेल मैदान ।-संवाद
फोटो-41-बलरामपुर के सिंगाही में बना खेल मैदान ।-संवाद
फोटो-41-बलरामपुर के सिंगाही में बना खेल मैदान ।-संवाद