हरैया सतघरवा। बारिश के मौसम में खेतों तक पानी पहुंचाने वाली माइनर ही किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। टेढ़ीप्रास और लछुआपुर गांवों के बीच राप्ती नहर से निकलने वाली माइनर सोमवार शाम भुजेहरा श्मशान घाट के पास अचानक कट गई। देखते ही देखते करीब 115 बीघा में खड़ी धान की फसल जलमग्न हो गई।
धान की फसल इस समय बढ़वार पर है। खेतों में अचानक कई इंच पानी भरने से किसानों को फसल खराब होने की चिंता सताने लगी है। जिन खेतों में किसान कई महीनों से खाद, बीज और मेहनत लगा रहे थे, वहां अब पानी ही पानी नजर आ रहा है।
किसानों का कहना है कि नहर की पटरी टूटने की यह पहली घटना नहीं है। हर बारिश में इसी स्थान पर पटरी कमजोर होकर कट जाती है। हर बार विभाग मरम्मत कराकर जिम्मेदारी पूरी कर लेता है, लेकिन अगले साल फिर वही समस्या सामने आ जाती है। किसान संतोष कुमार ने बताया कि श्मशान घाट के पास माइनर की पटरी काफी समय से कमजोर है। बारिश शुरू होते ही यहां पानी का दबाव बढ़ जाता है।
पारसनाथ ने बताया कि धान की फसल इस समय अच्छी तरह बढ़ रही थी। अचानक खेतों में पानी भरने से फसल को नुकसान होने की आशंका है। किसानों की मेहनत के साथ बीज, खाद, जुताई और मजदूरी में लगाया पैसा भी डूबने का खतरा है। पानी जल्द नहीं निकला तो फसल खराब हो सकती है।
कृपाराम ने बताया कि माइनर के इस हिस्से में पीली और बालू मिश्रित मिट्टी है। पानी का दबाव बढ़ते ही मिट्टी बहने लगती है। इसी वजह से पटरी बार-बार कट जाती है। उनका कहना है कि कमजोर स्थान को चिह्नित कर पहले से मजबूत करने की जरूरत है, ताकि बारिश के समय किसानों को हर साल इस परेशानी से न गुजरना पड़े।
रामअनुज ने कहा कि नहर कटने के बाद मरम्मत जरूर होती है, लेकिन कटने की वजह दूर करने पर ध्यान नहीं दिया जाता। यदि पटरी को मजबूत करा दिया जाए तो हर साल होने वाले मरम्मत खर्च के साथ किसानों की फसल का नुकसान भी बचाया जा सकता है।
115 बीघा फसल डूबी, आगे सिंचाई का भी संकट
माइनर से नरायनपुर, गंजडी, सर्रा, मैनहवा, लोहेपनिया, मैटहवा समेत कई गांवों के किसानों के खेतों तक पानी पहुंचता है। फिलहाल माइनर टूटने से एक तरफ करीब 115 बीघा धान की फसल पानी में डूब गई है, वहीं दूसरी तरफ इसकी मरम्मत होने तक आगे की सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित रहेगी। गोपाल, गिनतीराम, धनीराम और सहजराम समेत किसानों ने मांग की है कि केवल टूटी पटरी की मरम्मत न कराई जाए, बल्कि भुजेहरा श्मशान घाट के पास कमजोर हिस्से को चिह्नित कर मजबूत कराया जाए।