फोटो-14-बलरामपुर में फजले रहमा कॉन्फ्रेंस में नातिया कलाम पढ़ते शायरे इस्लाम।-संवाद
बलरामपुर। नगर के बलुहा मोहल्ला स्थित कालिया मस्जिद के पास रहमानी नौजवान कमेटी की ओर से आयोजित दो दिवसीय फजले रहमा कॉन्फ्रेंस का रविवार देर शाम समापन हुआ। कॉन्फ्रेंस में उलमाओं ने सरकार फजले रहमा की जिंदगी और उनकी शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए इन्सानियत, मोहब्बत और आपसी भाईचारे का संदेश दिया।
कॉन्फ्रेंस की शुरुआत अब्दुल अलीम बरकाती ने कुरान पाक की तिलावत से किया। इसके बाद कमेटी के सदस्यों ने मुख्य अतिथि गंज मुरादाबाद शरीफ आस्ताने के गद्दीनशीन मारूफ मियां, पीरजादे शकेब उर्रहमान उर्फ भय्यू मियां, साफी और सूफी मियां समेत अन्य उलेमाओं का माला पहनाकर और साफा बांधकर स्वागत किया।
मौलाना आसिफ रजा नक्शबंदी ने कहा कि हजरत सरकार फजले रहमा की जिंदगी इन्सानियत, मोहब्बत, भाईचारे और रूहानियत का पैगाम देती है। दीन ने हमेशा अल्लाह की इबादत, नेक अमल, अच्छे अखलाक और जरूरतमंदों की मदद करने की तालीम दी है। उनकी शिक्षाओं पर अमल करके समाज में नफरत मिटाई जा सकती है और आपसी प्रेम को बढ़ावा दिया जा सकता है।
इसके बाद नातिया कलाम का दौर शुरू हुआ। कोलकाता से आए कफील अंबर, गुजरात के मोइनुद्दीन और भागलपुर, बिहार के अजमत रजा ने नातिया कलाम पेश कर अकीदतमंदों की वाहवाही बटोरी। अंत में मुख्य अतिथि ने मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली और आपसी भाईचारा कायम रहने की दुआ की।