बलरामपुर। सीबीएसई के परीक्षा परिणाम में अव्वल आए इंटरमीडिएट के मेधावी देश व समाज के विकास में योगदान देना चाहते हैं। बच्चे अपनी सफलता का श्रेय परिवार के साथ गुरुजनों को दे रहे हैं। उनका मानना है कि लक्ष्य के अनुसार पढ़ाई करने और सही प्रबंधन के अनुसार स्लेबस तैयार करने से परीक्षा में सफलता अवश्य मिलती है। बच्चों की सफलता पर खुशी जताते हुए परिजन उनका भविष्य संवारने के लिए हरसंभव सहयोग करनेे की बात कह रहे हैं।
मानसी की एमबीए कर कॅरियर संवारने की तमन्ना
सीबीएसई इंटरमीडिएट की परीक्षा में जिला टॉप करने वाली मानसी रावत के पिता उपेंद्र रावत सशस्त्र सीमा बल नौंवी वाहिनी में कमांडेंट और माता सुदेश रावत गृहणी हैं। मानसी अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता व शिक्षकों को देेती हैं। उनका कहना है कि कोर्स की किताबें पढ़ने के साथ ही सही प्रबंधन से स्लेबस की तैयारी करके सफलता हासिल की जा सकती है। वह एमबीए करके प्रबंधन के क्षेत्र में अपना कॅरियर संवारना चाहती हैं।
डॉक्टर बनकर गरीबों की सेवा करने का लक्ष्य
खेती करके परिवार का पालन पोषण करने वाले उमाशंकर यादव के पुत्र आलोक ने सीबीएसई इंटरमीडिएट की परीक्षा में दूसरा स्थान हासिल कर परिवार का नाम रोशन किया है। आलोक की मां मंजू गृहणी हैं। आलोक अपनी सफलता का श्रेय मम्मी-पापा व गुरुजनों के मार्गदर्शन को देते हैं। उनका कहना है कि सफलता हासिल करने के लिए नियमित पढ़ाई जरूरी है। परीक्षा को हौवा मानने की बजाय सही ढंग से तैयारी करके सफलता हासिल की जा सकती है। वह डॉक्टर बनकर गरीबों की सेवा करना चाहते हैं।
आईएएस अफसर बनना चाहती हैं ओजस्वी
इंटर की परीक्षा में जिले के टॉप फाइव में अपना स्थान बनाने वाली ओजस्वी यादव के पिता संजय यादव व माता विजय कुमारी यादव बिटिया की सफलता से गदगद हैं। इनका कहना है कि बिटिया ने परिवार का नाम रोशन कर दिया है। ओजस्वी अपनी सफलता का श्रेय परिजन व शिक्षकों को देती हैं। इनका कहना है कि लक्ष्य के अनुसार कठिन परिश्रम करके सफलता पाई जा सकती है। ओजस्वी आईएएस अफसर बनकर देश के विकास में योगदान करना चाहती हैं।