बलरामपुर। दिनोंदिन बढ़ रही गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। सूरज की तपिश इस कदर बढ़ गई कि बृहस्पतिवार को दोपहर का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। चिलचिलाती धूप व गर्म हवाओं के कारण लोगों का घर से निकलना दूभर हो गया है।
सुबह 10 बजे के बाद ही सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। जरूरी काम से कोई बाहर निकला भी तो तेज धूप व लू के थपेड़ों से बचने के लिए शरीर को कपड़े से अच्छी तरह ढककर ही निकला। गर्मी का असर सरकारी व गैर सरकारी कार्यालयों में भी देखने को मिला। कार्यालयों में भी सन्नाटा पसरा रहा। अधिकारी व कर्मचारी एसी अथवा कूलर के सामने बैठकर अपना काम निपटाते दिखे।
वहीं, भीषण गर्मी के चलते अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। मेमोरियल चिकित्सालय के सभी वार्ड मरीजों से भरे हुए हैं। तेज धूप के चलते हैंडपंप व ताल पोखरे भी सूख गए हैं।
हैंडपंप सूखने से जहां पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है तो ताल व पोखरों के सूखने से पशु-पक्षियों को पानी पीने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। गर्मी में राहगीरों की प्यास बुझाने के लिए नगर में कहीं भी प्याऊ की व्यवस्था नहीं की गई है। बाजार में आने वाले लोग दाम चुका कर पानी की बोतल खरीने को मजबूर हैं।
अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़
तेज धूप व गर्म हवाओं से बुखार व डायरिया का संक्रमण तेेजी से फैल रहा है। बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में लोग उल्टी-दस्त की बीमारी से परेशान दिखे। जिला मेमोरियल अस्पतालों में 270 मरीजों की ओपीडी हुई। जिसमें 145 से अधिक मरीज उल्टी-दस्त व बुखार से पीड़ित थे। डॉक्टर मरीजों का परीक्षण कर गर्मी के मौसम में बीमारी से बचने के लिए सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं। फिजीशियन डॉ. अजय कुमार पांडेय का कहना है कि बीते दिनों हुई बारिश के बाद बीमारी तेजी से फैल रही है। इससे बचने के लिए तेज धूप व गर्मी से बचें। सिर व शरीर को ढंक कर ही बाहर निकलें। उल्टी-दस्त से बचने के लिए बाहरी खाद्य पदार्थों व दूषित जल का उपयोग बिलकुल न करें। तैलीय पदार्थें का सेवन कम से कम करें। गर्मी में बीमारियों से बचने के लिए अत्यधिक पानी का प्रयोग करें।