बलरामपुर में बनाई गई टेडी बियर दिखाती समूह की महिलाएं ।-संवाद
बलरामपुर। चारदीवारी तक सीमित रहीं महिलाएं आज अपनी मेहनत, लगन और संघर्ष से आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही हैं। जय मां दुर्गा महिला स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष मीरा विश्वकर्मा, सदस्य ब्यूटी शुक्ला, सुनीता शुक्ला समेत कुल 12 महिलाओं ने स्वरोजगार की ओर कदम बढ़ाए हैं। एक साल पहले जो छोटा-सा आर्थिक प्रयास शुरू किया था, आज वही उनके जीवन की दिशा बदल रहा है। समूह की महिलाएं बैग और टेडी बियर बनाकर बाजार में बेचती हैं और प्रति महिला 10 से 12000 रुपये प्रतिमाह की कमाई कर रही हैं।
शुरुआत आसान नहीं थी। पूंजी की कमी, बाजार की समझ और कौशल प्रशिक्षण जैसी कई चुनौतियां सामने थीं, लेकिन महिलाओं ने हार नहीं मानी। समूह की अध्यक्ष मीरा बताती हैं कि शुरू में सामान की क्वालिटी को लेकर भी काफी मेहनत करनी पड़ी। पहले दिन में दो-तीन ही बैग बन पाते थे, मार्केट में पसंद भी नहीं आ रहे थे। लगातार सीखते हुए आज हफ्ते में सैकड़ाें उत्पाद तैयार कर लेते हैं। समूह की प्रगति में जिला मिशन प्रबंधक अखिलेश मौर्या ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि एनआरएलएम विभाग की ओर से प्रशिक्षण, कार्यशील पूंजी, विपणन मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग दिया जा रहा है। इससे महिलाओं के काम की गुणवत्ता और बिक्री दोनों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।
महिलाओं को किया जा रहा प्रेरित
हमारा लक्ष्य है कि ऐसे समूह न सिर्फ स्थानीय बाजार बल्कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक पहुंचें। इनके उत्पाद की मांग बढ़ रही है और आने वाले समय में इनकी आय दोगुनी होने की पूरी संभावना है। अन्य महिलाओं को भी प्रेरित किया जा रहा है कि स्वरोजगार कर आत्मनिर्भर बनें।
- सुशील अग्रहरि, डीसी एनआरएलएम