बलरामपुर। नगर स्थित जामिया अरबिया अनवारुल कुरान अरबी कॉलेज में बृहस्पतिवार को उलेमाओं की बैठक हुई। बैठक में मौलाना सैय्यद अहमद रजा कादरी को बलरामपुर का शहर-ए-काजी बनाए जाने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। उलेमाओं ने उनके धार्मिक अनुभव, इल्मी योगदान और सामाजिक सेवाओं को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपने पर सहमति जताई।
बैठक की शुरुआत कारी इकरार अहमद बरकाती ने कुरआन पाक की तिलावत से की। इसके बाद हाफिज जाहिद ने नात-ए-पाक पेश की। बैठक में उलेमाओं ने शहर-ए-काजी के पद की धार्मिक और सामाजिक महत्ता पर चर्चा की।
मौलाना मोहम्मद उमर ने कहा कि शहर-ए-काजी समाज के लोगों को धार्मिक एवं शरीयत संबंधी मामलों में मार्गदर्शन देने के साथ ही आपसी सौहार्द और भाईचारा मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कारी फरियाद और मौलाना नूर अहमद ने कहा कि मौलाना सैय्यद अहमद रजा कादरी लंबे समय से धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनके अनुभव और सेवाओं को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपना उचित निर्णय है।
अरबी कॉलेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य मुफ्ती मुजम्मिल अख्तर मिस्बाही ने कहा कि शहर-ए-काजी की जिम्मेदारी महज एक पद नहीं, बल्कि बड़ी धार्मिक और सामाजिक अमानत है। इस दायित्व का निर्वहन इंसाफ, निष्पक्षता और धार्मिक सिद्धांतों के अनुरूप किया जाना चाहिए।
निर्णय के बाद बसपा नेता शाबान अली, मौलाना कासिम अख्तर, शफीक अहमद और हाजी शाहिद महमूद समेत अन्य लोगों ने मौलाना सैय्यद अहमद रजा कादरी का माला पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान उलेमाओं और उपस्थित लोगों ने उन्हें मुबारकबाद दी। अंत में देश, समाज और शहर में अमन-चैन, भाईचारे तथा खुशहाली के लिए दुआ की गई।
इस अवसर पर हाजी अब्दुल हादी, मोहम्मद आरिफ, हाफिज सब्बू, हकीम निसार वारिस, मौलाना जैनुल आब्दीन, कारी मोहम्मद आमिर और मौलाना शब्बीर अहमद समेत तमाम उलेमा मौजूद रहे।