बलरामपुर। मसूर की खेती और प्रसंस्करण के लिए प्रदेश भर में पहचान रखने वाले जिले में अब युवाओं को इसी क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की पहल शुरू हुई है। एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत जिले के 100 युवाओं को फूड प्रोसेसिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। एक जुलाई से शुरू होने वाला यह 90 दिवसीय प्रशिक्षण युवाओं को मसूर दाल के प्रसंस्करण, पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण और विपणन की बारीकियां सिखाएगा।
बलरामपुर का चयन ओडीओपी योजना में मसूर दाल के लिए किया गया है। जिले में करीब 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मसूर की खेती होती है और यहां उत्पादित उच्च गुणवत्ता वाली मसूर प्रदेश के साथ-साथ पश्चिम बंगाल और असम तक भेजी जाती है। जिले में कई दाल मिलें और व्यापारिक प्रतिष्ठान इस कारोबार से जुड़े हैं। भगवतीगंज के युवा उद्यमी राहुल अग्रवाल कहते हैं कि यदि युवाओं को प्रोसेसिंग और ब्रांडिंग की सही जानकारी मिले तो वे नौकरी खोजने के बजाय खुद रोजगार देने वाले बन सकते हैं। वहीं तुलसीपुर के आदित्य वर्मा का मानना है कि प्रशिक्षण से स्थानीय उत्पादों को नया बाजार मिलेगा और गांवों में भी छोटे उद्योग स्थापित हो सकेंगे। कौशल विकास मिशन के जिला प्रबंधक वकील अहमद के अनुसार प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उम्मीद है कि इससे मसूर आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, किसानों को बेहतर बाजार मिलेगा और बलरामपुर की पहचान देश के प्रमुख दाल प्रसंस्करण केंद्र के रूप में और मजबूत होगी। प्रशिक्षण नगर स्थित संजय गांधी लघु माध्यमिक विद्यालय, भंडारखाना में आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण प्रदाता संस्था को 30 जून तक सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि निर्धारित समय से प्रशिक्षण शुरू कराया जा सके।