बलरामपुर। सात वर्ष की मासूम के मुंह में बालू भरने और लोहे की कील गले में धंसाकर जान से मारने के प्रयास के मामले में विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट ने दोषी को 10 वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामला महराजगंज तराई थाना क्षेत्र का है।
घटना की रिपोर्ट थाने में 16 मई 2025 को नेवाजपुर निवासी एक व्यक्ति ने दर्ज कराई थी। बताया था कि उसकी सात वर्षीय भतीजी के साथ परसपुर निवासी शिव कुमार मौर्या ने हाथ पकड़कर अभद्रता की, मुंह में बालू भर दिया तथा लोहे की कील से गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी शिव कुमार मौर्या पर बीएनएस की धारा 109, 75(2) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 9एम/10 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक दिग्विजय यादव ने की और आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया। जांच में छेड़खानी की बात भी सामने आई थी। मामले की सुनवाई एएसजे/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राहुल सिंह के न्यायालय में हुई। मामले में सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
ऐसे सामने आई थी दरिंदगी की वारदात
महराजगंज तराई क्षेत्र के एक गांव में वर्ष 2025 में 16 मई सात वर्षीय मासूम के साथ दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई थी। आरोप था कि 15 मई को गांव में निर्माणाधीन मकान पर काम कर रहा मजदूर शिव कुमार मकान के पास खेल रही बच्ची को बहला-फुसलाकर निर्माणाधीन मकान के अंदर ले गया। छेड़छाड़ करने पर जब बच्ची ने शोर मचाया तो आरोपी ने उसके मुंह में बालू ठूंस दिया। इसके बाद लोहे की कील से उसके गले पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गई। कील गले में ही धसी रही, आरोपी बच्ची को मृत समझकर मौके से भाग गया था। करीब चार घंटे बाद बच्ची को होश आया तो वह किसी तरह निर्माणाधीन मकान से बाहर निकली। इसके बाद ग्रामीणों और परिजनों को घटना की जानकारी हुई। गंभीर हालत में बच्ची को पहले जिला अस्पताल और फिर लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया था, जहां ऑपरेशन कर उसके गले से कील निकाली गई थी। अब इस मामले में सजा हुई है।