फोटो-11- नगर के मोहल्ला बलुहा स्थित मदरसा दारुल उलूम इमामे आजम लिलबनात में आलिम कोर्स के नए ताल
बलरामपुर। नगर के मोहल्ला बलुहा स्थित मदरसा दारुल उलूम इमामे आजम लिलबनात में आलिम कोर्स के नए तालीमी सत्र का आगाज रविवार को हुआ। छात्राओं ने तिलावत-ए-कुरआन और बुखारी शरीफ की पहली हदीस पेश कर माहौल को रूहानी बना दिया।
कार्यक्रम में शहर मुफ्ती मौलाना मसीह अहमद कादरी ने कहा कि शिक्षा इंसान को अपने पैरों पर खड़ा होने की ताकत देती है। उन्होंने बेटियों की शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि आज के दौर में लड़कियों को तालीम से रोशन करना बेहद जरूरी है। कारी फरियाद हुसैन ने कहा कि तालीम एक ऐसी दौलत है, जो इंसान को खुद्दार बनाती है। जब बेटियां शिक्षित होती हैं तो पूरा परिवार और समाज तरक्की करता है। मौलाना मोहम्मद हसन ने कहा कि दीनी तालीम के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा भी समय की जरूरत है। प्रबंधक मौलाना मोहम्मद उमर ने उलेमाओं को बताया कि मदरसे में सिर्फ छात्रों को पढ़ाया जाता है और इनके रहने व खाने के साथ-साथ प्राइमरी से लेकर किरत व फाजिल तक की निशुल्क शिक्षा दी जाती है। कार्यक्रम के अंत में उलेमाओं ने छात्राओं की कामयाबी के साथ देश में अमन-चैन और आपसी भाईचारे के लिए दुआ मांगी।