बलरामपुर। आईसीडीएस विभाग की तरफ से चिन्ह्ति दो लाख मासूमों के सेहत राज मशीनें बताएंगी। जिले के सभी 10 परियोजनाओं के 1882 आंगनबाड़ी केंद्रों पर लंबाई व वजन मशीनें शीघ्र मुहैया कराई जाएंगी। छह वर्ष तक के सभी बच्चों के वजन व लंबाई का मानक लेकर कुपोषण की पहचान की जाएगी। वजन मशीन मिलने से कुपोषण की जांच करने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मदद मिलेगी।
डीपीओ केएम पांडेय ने सोमवार को बताया कि जीरो से दो वर्ष तक बच्चों के सेहत की जांच कराने के लिए शासन ने 1882 केंद्रों के लिए साल्टर स्केल मशीन मुहैया करा दी गई है। जिले के सभी 10 परियोजनाओं के 1882 आंगनबाड़ी केंद्रों पर साल्टर स्कल मशीन पहुंचा दी गई है।
मां व बच्चे का वजन लेने वाले एडल्ट वजन मशीन और बच्चों की लंबाई नापने के लिए स्टेडियामीटर मशीन भी शीघ्र ही शासन से मिलने वाली है। इन मशीनों से बच्चों के बजन व लंबाई को लेकर मानक तैयार किया जाएगा जिसमें अति गंभीर तीव्र कुपोषित और मध्यम तीव्र कुपोषित होने की पहचान की जाएगी।
जिले के सभी 10 परियाजनाओं के 1882 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहले से चिन्ह्ति छह माह से तीन वर्ष तक के 1,22,860 और तीन से छह वर्ष तक के 73,630 बच्चों की जांच इन मशीनों से की जाएगी। जिले के सभी 10 परियोजनाओं में 8,670 किशोरियों और 56,560 गर्भवती व धात्री महिलाओं को चिन्ह्ति किया गया है।
सीडीपीओ सदर राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि साल्टर स्कूल मशीन देहात परियोजना के 275 केंद्रों पर पहुंचा दी गई है। सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को बच्चों का वजन लेने का तरीका बताया जा रहा है।
साल्टर स्कूल मशीन से सैम व मैम बच्चों की पहचान बेहतर ढंग से हो सकेगी। आंगनबाड़ी केंद्रों पर सभी मशीनें पहुंचने से बच्चों, किशोरियों व गर्भवती महिलाओं के सेहत की जांच करने में आसानी होगी। साथ ही सभी में कुपोषण को खत्म करने में मदद मिलेगी।