बलरामपुर। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का दिसंबर में अपने भवन में संचालन शुरू हो जाएगा। शासन की ओर से 316 नए पदों के सृजन को मंजूरी दे दी गई है। इनमें आयोग से 156 शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी, वहीं 160 सहयोगी स्टाफ की भर्ती आउटसार्सिंग से होगी। विवि में शिक्षकों के 247 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया पहले ही प्रारंभ हो चुकी है। अब शिक्षणेत्तर कर्मचारी व सहयोगी स्टाफ की भर्ती पूरी होते ही विश्वविद्यालय के कामकाज में तेजी आएगी।
विश्वविद्यालय का संचालन फिलहाल अस्थायी भवन में हो रहा है। कुलपति प्रोफेसर रविशंकर सिंह ने बताया कि निर्माण एजेंसी ने भरोसा दिलाया है कि दिसंबर 2025 तक स्थायी भवन तैयार हो जाएगा। शासन की योजना है कि जनवरी 2026 से विश्वविद्यालय अपने भवन में पूर्ण रूप से संचालित हो सके। इसके बाद छात्रों को बेहतर सुविधाएं और आधुनिक शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराया जाएगा।
विवि में 156 शिक्षणेतर पद सृजित किए गए हैं। ये अस्थायी रूप से 28 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेंगे। पदों में फार्मासिस्ट, इलेक्ट्रिशियन, अवर अभियंता, आशुलिपिक, सहायक लेखाकार, कनिष्ठ सहायक, लैब टेक्नीशियन, लैब असिस्टेंट, उप कुलसचिव, सहायक कुलसचिव, वैयक्तिक सहायक, लेखाकार, प्रधान सहायक, चिकित्साधिकारी और स्टाफ नर्स शामिल हैं। इन पर भर्ती अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, सीधी भर्ती, पदोन्नति और प्रतिनियुक्ति के जरिए होगी।
160 आउटसोर्सिंग पद भी स्वीकृत, चयन प्रक्रिया की तैयारी शुरू
विश्वविद्यालय में 160 पद आउटसोर्सिंग से भरे जाएंगे। इनमें कंप्यूटर ऑपरेटर, सफाईकर्मी, चौकीदार, माली, चपरासी, वाहन चालक और पुस्तकालय परिचर शामिल हैं। भर्ती प्रक्रिया जेम पोर्टल से पूरी की जाएगी। शासन ने स्पष्ट किया है कि इसमें एमएसएमई, श्रम व कार्मिक विभाग के नियमों और आरक्षण कानूनों का सख्ती से पालन किया जाएगा। कुलपति ने कहा कि मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय में पदों का सृजन युवाओं को रोजगार देने की दिशा में एक ठोस कदम है। उन्होंने कहा कि विवि पूरी क्षमता से कार्य करना शुरू करेगा तो बलरामपुर और आसपास के जिलों के हजारों युवाओं को उच्च शिक्षा का लाभ मिलेगा और स्थानीय स्तर पर बड़ी संख्या में रोजगार भी पैदा होगा।