बलरामपुर। कोयलरा गोपालपुर गांव में बन रहे मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय के निर्माण में बजट न मिलने का रोड़ा है। बजट मिले तो निर्माण में तेजी आए। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि बजट की मांग की गई है।
सदर ब्लॉक के कोयलरा गोपालपुर गांव में मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय के निर्माण में पहले फेज में 163.52 करोड़ रुपये खर्च करने की कार्ययोजना तैयार की गई है। नौ मार्च 2024 को परियोजना को स्वीकृति मिली थी। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग को 33.47 करोड़ रुपये परियोजना के निर्माण पर आवंटित किए गये थे। कार्यदायी संस्था ने 20 नवंबर तक बाउंड्रीवॉल के निर्माण पर पूरा पैसा खर्च कर दिया है। अब बजट मिलने के बाद ही परियोजना के निर्माण में तेजी आएगी। बजट मिलने के बाद सड़क व पानी की व्यवस्था की जाएगी। परिसर में बिजली, सीवर, इंटरनेट व वाई-फाई की भी व्यवस्था होगी। एकेडमिक ब्लॉक, परीक्षा भवन, कुलपति कार्यालय, कला, वाणिज्य, शिक्षा, विज्ञान प्रयोगशाला व पुस्तकालय, विद्यार्थियों के लिए छात्रावास, कैंटीन, हेल्थ सेंटर, पुलिस चौकी, बैंक के भवनों का निर्माण शुरू कराया जाएगा। कार्यदायी संस्था को छह दिसंबर 2025 तक मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का निर्माण पूरा करने की चुनाैती है।
20.36 हेक्टेअर में बनेगा विश्वविद्यालय भवन
-कोयलरा गोपालपुर गांव में 20.3620 हेक्टेअर क्षेत्रफल में मां पाटेश्वरी विश्विद्यालय के भवन का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए 222 किसानों से 102 गाटा संख्या की जमीनों की खरीदारी की गई है।
चार जिलों के विद्यार्थियों को मिलेगी सुविधा
-मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का संचालन शुरू होने पर देवीपाटन मंडल के चार जिलों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की पढ़ाई करने की बेहतर सुविधा मिलेगी। बलरामपुर के साथ गोंडा, बहराइच व श्रावस्ती जिलों के विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में पढ़ाई करने का मौका मिलेगा। विश्वविद्यालय से जनपद श्रावस्ती भिनगा मुख्यालय से 25 किलोमीटर, बहराइच से 62 किलोमीटर व गोंडा से 45 किलोमीटर दूरी पर है। संचालन शुरू होने पर इन जिलों के बच्चों को दिल्ली, प्रयोगराज, कानपुर, वाराणसी व लखनऊ जैसे शहरों में उच्च शिक्षा के लिए नहीं जाना पड़ेगा। देश-विदेश के विद्यार्थियों को भी उच्च शिक्षा की पढ़ाई करने का मौका मिलेगा।
बजट के लिए भेजा गया प्रस्ताव
-शासन से बजट मिलने के बाद कार्यदायी संस्था मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय निर्माण करा रही है। पैसा खर्च हो चुका है। शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। कार्यदायी संस्था को निर्माण जारी रखने का निर्देश दिया गया है।
-पवन अग्रवाल, डीएम