बलरामपुर। अतिवृष्टि और तेज हवाओं से प्रभावित विद्युत व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रशासन ने पुनर्बहाली का काम तेज कर दिया है। रविवार को जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने बलरामपुर-उतरौला मार्ग पर क्षतिग्रस्त 33/11 केवी विद्युत लाइन की मरम्मत का मौके पर निरीक्षण किया। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों से कार्य की प्रगति और शेष काम की जानकारी ली। डीएम ने पर्याप्त संख्या में तकनीकी कर्मचारियों और अतिरिक्त टीमों के साथ हाइड्रा व अन्य संसाधन लगाकर काम तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए। इस लाइन की बहाली के बाद उतरौला तहसील क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बहाल हो सकेगी।
डीएम ने विद्युत विभाग के स्टोर का भी निरीक्षण किया। वहां उपलब्ध ट्रांसफॉर्मर, बिजली के पोल, तार और अन्य सामग्री की स्थिति देखी। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों में बिजली बहाली के लिए सामग्री की कमी नहीं होनी चाहिए। जिस क्षेत्र में जितनी सामग्री की जरूरत हो, उसे तत्काल उपलब्ध कराया जाए, ताकि मरम्मत कार्य प्रभावित न हो।
इसके पहले जिलाधिकारी ने सदर तहसील के ग्राम जमालीजोत पहुंचकर राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर और संभावित कटान की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर ग्रामीणों से बातचीत की और नदी की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली। अतिवृष्टि से खेतों में हुई फसल क्षति भी देखी। उन्होंने अधिकारियों को नदी के जलस्तर और कटान पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। कटान की स्थिति बनने पर तत्काल बचाव और कटानरोधी कार्य कराने के साथ फसलों के नुकसान का सही आकलन कर रिपोर्ट तैयार करने को कहा।
72 घंटे में जरूरी सेवाएं बहाल करने का लक्ष्य
जिले में 48 से 72 घंटे तक हुई अत्यधिक बारिश के बाद बिगड़ी व्यवस्थाओं को सामान्य करने के लिए जिला प्रशासन ने अगले 72 घंटे का लक्ष्य तय किया है। बिजली आपूर्ति, सड़कों की मरम्मत, जलनिकासी और अन्य आवश्यक सेवाओं को बहाल करने के लिए सभी विभागों की टीमें मैदान में उतारी गई हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि लोक निर्माण विभाग, विद्युत, स्वास्थ्य, कृषि समेत अन्य विभागों के साथ बैठक कर पुनर्बहाली की समीक्षा की गई है। विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए टीमें लगातार काम कर रही हैं। गोंडा से दो अतिरिक्त टीमें भी बुलाई गई हैं।
नगरीय क्षेत्रों में बिजली बाधित होने से पेयजल संकट न हो, इसके लिए जनरेटर से जलापूर्ति कराई जा रही है। राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें खेतों में पहुंचकर फसल क्षति का आकलन कर रही हैं। किसान फसल बीमा के तहत क्षति की सूचना हेल्पलाइन नंबर 14447 पर दर्ज करा सकते हैं।