बलरामपुर। नामांतरण प्रक्रिया में देरी और जिलाधिकारी के कार्य-व्यवहार से नाराज अधिवक्ताओं का आंदोलन तेज हो गया है। बुधवार को सदर तहसील से पैदल मार्च कर कलेक्ट्रेट पहुंचे अधिवक्ताओं की पुलिस से नोकझोंक हुई। करीब आधे घंटे तक कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन चला। इस दौरान जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने अधिवक्ताओं से वार्ता करने का प्रयास किया, लेकिन वे बिना बातचीत किए लौट गए। संयुक्त बार संघ ने 22 अक्तूबर को फिर घेराव करने और न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया है।
बुधवार को अधिवक्ता सदर तहसील से पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शन की सूचना पर सुरक्षा के मद्देनजर कोतवाली देहात की पुलिस पहले से तैनात थी। कलेक्ट्रेट परिसर में अधिवक्ताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई। करीब आधे घंटे तक प्रदर्शन करने के बाद अधिवक्ता कलेक्ट्रेट संघ भवन लौट गए। वहां बैठक कर आंदोलन जारी रखने पर सहमति बनी।
कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कमलेश्वर सिंह ने बताया कि अधिवक्ता कई दिनों से नामांतरण प्रक्रिया में देरी और जिलाधिकारी के कार्य-व्यवहार के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं। जिलाधिकारी के कार्य-व्यवहार और आचरण पर सवाल उठाते हुए राष्ट्रपति, राज्यपाल, मुख्यमंत्री समेत अन्य उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। अधिवक्ताओं ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और जिलाधिकारी को पद से हटाने की मांग की है।
आज सुबह 11 बजे निकालेंगे पैदल मार्च
कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कमलेश्वर सिंह और जिला बार एसोसिएशन के महामंत्री संजय तिवारी ने जिला जज को पत्र भेजकर 22 अक्तूबर को न्यायिक कार्य से विरत रहने की सूचना दी है। जिला युवा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मृगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि अधिवक्ता सदर तहसील से दीवानी न्यायालय के रास्ते कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी का घेराव करेंगे। इसमें उतरौला और तुलसीपुर बार संघों के पदाधिकारी व अधिवक्ता भी शामिल होंगे। प्रदर्शन के बाद संघ भवन में आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी।
कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के महामंत्री अशोक मिश्रा और राजेश मिश्रा ने मुख्यालय के अधिवक्ताओं से आंदोलन में सहयोग की अपील की। इस दौरान जिला बार एसोसिएशन के महामंत्री श्यामसुंदर मिश्र, युवा बार के पूर्व अध्यक्ष अमित पांडेय, अरुण कुमार, चंदन, विवेक सिंह और भानु प्रताप शुक्ल सहित तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे।
अधिवक्ताओं से वार्ता को तैयार जिला प्रशासन : डीएम
धारा 34 के प्रकरण को लेकर अधिवक्ताओं के प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने कहा कि जिला प्रशासन सार्थक वार्ता के लिए तैयार है। बुधवार को अधिवक्ताओं के कलेक्ट्रेट पहुंचने की जानकारी मिलने पर वह स्वयं उनका पक्ष सुनने आए थे, लेकिन अधिवक्ता बिना वार्ता किए लौट गए।
डीएम ने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान आपसी संवाद और समन्वय से ही संभव है। उन्होंने बताया कि 17 अक्तूबर को वह तुलसीपुर में संपूर्ण समाधान दिवस में थे। धारा 34 के प्रकरण का नियमानुसार वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने के लिए प्रशासन तैयार है।
हड़ताल से कामकाज ठप, रजिस्ट्री कराने आए लोग लौटे
उतरौला में अधिवक्ता संघ का आंदोलन बुधवार को भी जारी रहा। हड़ताल के चलते न्यायालयों में कामकाज नहीं हुआ। वहीं, रजिस्ट्री कार्यालय में भी किसी बैनामे का पंजीकरण नहीं हो सका। इससे मुकदमों की पैरवी और जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री कराने पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
जिला स्तर पर आंदोलन के आह्वान पर उतरौला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रह्लाद यादव और महामंत्री रवि शंकर मिश्र के नेतृत्व में अधिवक्ता बलरामपुर पहुंचकर कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। पदाधिकारियों ने बताया कि आंदोलन में शामिल होने के लिए अधिवक्ताओं को निर्देश दिए गए हैं।
हड़ताल से कामकाज प्रभावित होने के कारण लोग परेशान हैं। दुदरा के राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि वह जरूरी काम से बैनामा कराने आए थे, लेकिन लगातार चक्कर लगाने के बावजूद काम नहीं हो पा रहा है। पेहर से आए गुलाम मोहम्मद ने बताया कि वह जमीन बेचने के लिए एक सप्ताह से चक्कर काट रहे हैं। जमीन खरीदने के लिए मुंबई से आए व्यक्ति को भी काम न होने के कारण लौटना पड़ा। वहीं, अनवर अली ने बताया कि जमीन विवाद से जुड़ी एक अपील पर बहस होनी थी, लेकिन हड़ताल के कारण सुनवाई नहीं हो पा रही है। इससे विवाद बढ़ रहा है। हड़ताल के चलते लगातार लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
फोटो-40-बलरामपुर के कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते अधिवक्ता।-संवाद