बलरामपुर। खलीलाबाद-बहराइच वाया उतरौला नई रेल लाइन परियोजना के लिए सदर तहसील के 10 गांवों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी। रेल मंत्रालय की ओर से अधिसूचना जारी होने के साथ ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अधिग्रहण से पहले सामाजिक प्रभाव आकलन कराया जाएगा। इसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परियोजना के तहत देवरिया, भवनियापुर, बनघुसरा, लुचुइया, फरेंदा, दुल्हापुर, पयागपुर, कलंदरपुर, सेखुइया और गणेशपुर गांवों की भूमि अधिग्रहित की जाएगी। सामाजिक प्रभाव आकलन के दौरान प्रभावित किसानों, भूमिधरों और परिवारों के साथ ही सार्वजनिक संसाधनों पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार मुआवजा और भूमि अधिग्रहण की अन्य प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
पूर्व सांसद दद्दन मिश्रा ने कहा कि नई रेल लाइन बलरामपुर के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। इससे बलरामपुर सीधे बहराइच, श्रावस्ती, उतरौला, डुमरियागंज, मेंहदावल और खलीलाबाद से जुड़ जाएगा। रेल सुविधा मिलने से विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और किसानों को आवागमन में सहूलियत होगी।
उन्होंने कहा कि रेल संपर्क बढ़ने से किसानों के लिए अपनी उपज बड़े बाजारों तक पहुंचाना आसान होगा। इससे यात्रा का समय और खर्च भी कम होगा। खलीलाबाद के साप्ताहिक बाजार से भी स्थानीय व्यापारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। परियोजना से व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के अवसर बढ़ने की भी संभावना है।