तुलसीपुर। गनवरिया स्थित ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व वाले जोड़ग्गा कुंड (पोखरा) और प्राचीन शिव मंदिर के दिन अब बदलने वाले हैं। वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहे इस धार्मिक स्थल को जल्द ही नया स्वरूप मिलेगा। उत्तर प्रदेश पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) ने मंदिर और कुंड परिसर के सुंदरीकरण की प्रक्रिया तेज कर दी है।
करीब 2.99 करोड़ की लागत से प्रस्तावित इस परियोजना के पूरा होने के बाद यह स्थल केवल धार्मिक केंद्र ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन स्थलों में भी शुमार होगा। पर्यटन विभाग की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत मंदिर परिसर और जोड़ग्गा कुंड को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। परियोजना के लिए 299.55 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है और निर्माण कार्य पूरा करने के लिए नौ माह की समय सीमा निर्धारित की गई है।
निविदा प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। जोड़ग्गा शिव मंदिर वर्षों से क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का केंद्र रहा है। सावन माह में यहां लगने वाले मेले में हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा महाशिवरात्रि, कजरी तीज और अन्य धार्मिक आयोजनों पर भी मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से गुलजार रहता है।
इसके बावजूद लंबे समय से यहां मूलभूत सुविधाओं और सौंदर्यीकरण की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। परियोजना के तहत परिसर में आधुनिक घाटों का निर्माण, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, श्रद्धालुओं के बैठने के लिए सुविधाजनक स्थान, सुगम आवागमन के लिए पथ निर्माण तथा हरित पट्टी का विकास किया जाएगा।
इसके अलावा परिसर को धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से आकर्षक बनाने के लिए विशेष डिजाइन पर कार्य किया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत भी संरक्षित होगी। नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि अफरोज अहमद रिंकू ने कहा कि जोड़ग्गा शिव मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि क्षेत्र की आस्था और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है।
पर्यटन विभाग की इस पहल से तुलसीपुर को धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत इस परियोजना को सफल बनाने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।