बलरामपुर। जिले की 793 ग्राम पंचायतों में एक जुलाई से विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी जीरामजी योजना लागू होगी। केंद्र सरकार की अधिसूचना के बाद प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जिले में वर्तमान में 1,45,496 पंजीकृत श्रमिक हैं, जिन्हें नई व्यवस्था के तहत रोजगार और आजीविका से जोड़ा जाएगा।
नई योजना के तहत मनरेगा की तर्ज पर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, लेकिन इसमें स्थायी आजीविका और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष फोकस रहेगा। अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2027 में प्रस्तावित नारी वंदन व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का खाका तैयार किया गया है। योजना के तहत श्रमिक परिवार की महिला सदस्य को जॉब कार्ड में शामिल कर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। जिले में करीब 30 हजार महिलाओं को रोजगार देने की तैयारी की जा रही है। मजदूरी का भुगतान सीधे महिलाओं के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा, जिससे आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों को भी योजना से जोड़ने की तैयारी है। समूहों को छोटे निर्माण कार्य, पौधरोपण, पोषण वाटिका और सामुदायिक गतिविधियों में जिम्मेदारी दी जाएगी।