बलरामपुर। नेपाल के पड़ोसी जिले की संवदेनशील तहसील उतरौला में जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा धर्म परिवर्तन कराकर इस्लामिक संगठनों में अपनी पैठ बना रहा था। नागपुर के संगठन से जुड़कर वह स्वघोषित सूफी बनने की तैयारी कर रहा था। एटीएस की ओर दर्ज की गई एफआईआर में नागपुर के इदुल इस्लाम का भी नाम है, जो धर्म परिवर्तन कराने वालों को जोड़ने का काम करता है।
धर्म परिवर्तन कराने के मामले में एटीएस अभी तक आरोपित छांगुर बाबा के बेटे महबूब और नवीन रोहरा को ही दबोच सकी है, लेकिन करीब नौ महीने की जांच में एटीएस के हाथ कई अहम जानकारियां लगी हैं। झांगुर बाबा धर्म परिवर्तन की अपनी मुहिम को विस्तार भी दे रहा था। गोंडा जिले के धानेपुर थाना क्षेत्र के रेतवागाडा निवासी रमजान को अपने साथ जोड़ा था। वह भी अपने क्षेत्र में ब्रेनवाश करने की मुहिम चला रहा था।
एटीएस की एफआईआर में 10 नामजद और एक अज्ञात को शामिल किया गया है, जिसमें रमजान भी शामिल है। यही नहीं झांगुर बाबा उतरौला कस्बे में प्रॉपर्टी का काम भी बढ़ा रहा था और उसकी नजर कस्बे की एक मशहूर मजार पर टिकी थी। इसके लिए वह मुस्लिम धर्म गुरुओं को खुद से जोड़ने में लगा था। उसने स्वयं को पीर बाबा भी घोषित किया था, जिससे मुस्लिम धर्म गुरुओं को किसी तरह की आपत्ति न हो। फिलहाल एटीएस की कार्रवाई से उसकी मंशा पूरी नहीं हो सकी। (संवाद)
उतरौला छोड़कर लखनऊ में जमाया डेरा
एटीएस की कार्रवाई के बाद छांगुर बाबा सतर्क हो गया है। उतरौला छोड़कर उसने लखनऊ में डेरा जमा लिया है। उतरौला थाने के प्रभारी निरीक्षक अवधेश राज सिंह का कहना है कि उसके घर में इस समय कोई नहीं है। एटीएस की कार्रवाई के बाद सन्नाटा पसरा है। लखनऊ में जाने की जानकारी मिली है। फिलहाल एटीएस के अधिकारियों से उन्होंने संपर्क किया था, लेकिन किसी तरह का निर्देश नहीं मिला है।
अधिकारियों को भी अंगूठी देकर बताता था लाभ
धर्म परिवर्तन के मामले में आरोपी जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा लोगों को प्रभावित करने के लिए नग वाली अंगूठी भेंट करता था। नौकरी में तरक्की मिलने का दावा करता था। एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें भी उसने अंगूठी पेश की, कहा कि इससे आपको फल मिलेगा, लेकिन वह समझ गए कि वह ऐसे ही प्रभावित करता है। उसकी वेशभूषा काफी साधारण ही रहती थी और वह हमेशा पान खाता रहता था।
सधे अंदाज में कार्रवाई में लगी एटीएस
एटीएस के अधिकारी बहुत सधे अंदाज में कार्रवाई कर रहे हैं। एफआईआर दर्ज करने के बाद भी महीनों तक छानबीन करते रहे और इसकी खबर किसी को नहीं हुई। यहां तक की छांगुर बाबा भी निश्चिंत ही रहा कि शायद मामला शांत हो गया है। इसके बाद जब मंगलवार को बयान के लिए एटीएस ने बुलावा भेजा तो उसने अपने बेटे और नवीन को भेज दिया। दोनों की गिरफ्तारी की जानकारी होने पर वह लखनऊ पहुंच गया है। एटीएस की निगाहें बाबा के प्रत्येक कदम पर हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही एक और बड़ी कार्रवाई होगी।