बलरामपुर/हरैया सतघरवा। आनंदपुरवा गांव सोहेलवा जंगल से निकले जमधरा पहाड़ी नाले की जद में है। कटान से प्रभावित 110 घरों की 700 आबादी को बेघर होने का डर सता रहा है। पहाड़ी नाले से कटान का खतरा कम नहीं हो रहा है। नाले का रुख गांव की तरफ बढ़ने से लोग परेशान हैं। यदि बरसात से पहले कटानरोधी कार्य न हुआ तो गांव के लोग बेघर हो सकते हैं।
ग्राम प्रधान राम निवास गौतम बताते हैं कि आनंदपुरवा गांव को जमधरा पहाड़ी नाले ने दो तरफ से घेर लिया है। उत्तर दिशा में बाढ़ आने पर तेजी से कटान शुरू हो जाती है। गांव में 110 घर बने हैं। अगर कटान बढ़ी तो इन घरों के 700 परिवार बेघर हो जाएंगे। ग्रामीण बदलूराम, प्रहलाद, बंशराज, मालिक राम, मदनलाल, मित्रसेन, रामचंद्र, विजय कुमार, विक्रम पासवान, विनय कुमार मौर्य व कृष्ण कुमार का कहना है कि जमधरा पहाड़ी नाले की कटान में गांव के विलीन होने का डर है।
100 बीघे से अधिक खेत भी नाले की कटान से बर्बाद हो चुके हैं। खेत में बालू होने से फसल की पैदावार नहीं हो पा रही है। पिछले वर्ष पहाड़ी नाले के किनारे आधा-अधूरा कटानरोधी कार्य कराया गया था। पूरा कार्य न होने से कटान पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। यदि बरसात से पहले काेई ठोस उपाय नहीं किया गया तो गांव पर कटान का संकट मंडराएगा। (संवाद)
अभी तक शुरू नहीं हो सका काम
ग्रामीणों का कहना है कि आनंदपुरवा गांव के पास जमधरा पहाड़ी नाले के किनारे कटानरोधी कार्य कराने के लिए कई बार मांग की गई, लेकिन अभी तक कार्य शुरू नहीं कराया गया है। यदि बरसात से पहले कटानरोधी कार्य नहीं कराया गया तो गांव के लोग पहाड़ी नाले के कटान से बेघर हो जाएंगे।
बाढ़ खंड के इंजीनियरों को प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी
सदर तहसील के आनंदपुरवा गांव के पास जमधरा पहाड़ी नाले में कटानरोधी कार्य कराने के लिए ग्रामीणों ने प्रार्थनापत्र दिया है। बाढ़ खंड के इंजीनियरों को कटानरोधी कार्य का प्रस्ताव तैयार कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई। शासन से बजट मिलने के बाद कटानरोधी कार्य कराए जाएंगे। - संजीव कुमार यादव, सदर एसडीएम