बलरामपुर। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की यौमे पैदाइश 4 व 5 सितंबर को धूमधाम और अकीदत से मनाई जाएगी। इस मौके पर नगर में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला जाएगा, जिसकी अगुवाई उलेमा करेंगे। जुलूस शांति के माहौल में संपन्न होगा।
शुक्रवार शाम सराय फाटक स्थित जामा मस्जिद के मैदान में बैठक हुई। बैठक को संबोधित करते हुए शहर मुफ्ती मौलाना मसीह अहमद कादरी ने कहा कि जुलूस में किसी भी तरह के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा। कहा कि न ही कोई ऐसा मजहबी या सियासी नारा लगाया जाएगा, जिससे दूसरे धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचे। स्पष्ट किया कि इस्लाम में डीजे और नाच-गाना मना है, इसलिए कोई भी व्यक्ति तेज आवाज वाले डीजे के साथ शामिल न हो। यदि कोई ऐसा करता है तो उसे जुलूस से बाहर कर दिया जाएगा।
धर्मगुरु सैय्यद अहमद रजा और मोहम्मद रजा ने कहा कि हम उस नबी का यौमे पैदाइश मना रहे हैं, जो पूरी दुनिया के लिए रहमत बनकर आए और इंसानियत को साथ लेकर चलने का संदेश दिया। वहीं मौलाना अब्दुल वहाब ने बताया कि चार सितंबर की शाम को जुलूस बड़ी ईदगाह से निकलकर वीर विनय चौराहा, सराय फाटक होते हुए चौक में समाप्त होगा। पांच सितंबर की सुबह का जुलूस बड़ी ईदगाह से निकलकर नगर के विभिन्न मोहल्लों से गुजरते हुए तुलसीपुर प्राइवेट बस स्टैंड पर संपन्न होगा। बैठक में हाजी नब्बन खां, समर जावेद, शाबान अली, डॉ. इकबाल, मौलाना सादिक, मौलाना इस्लाम अली, कारी शकील, मौलाना शाह आलम, मौलाना अजीमुल्लाह और मोहसिन समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
दोपहर दो बजे होगी जुमे की नमाज, सजेगा मुख्य बाजार
इस बार बारहवीं रबी-उल-अव्वल का जुलूस शुक्रवार को पड़ रहा है। इसे देखते हुए शहर मुफ्ती ने मस्जिदों के जिम्मेदारों से अपील की है कि जुमे की नमाज दोपहर 2 बजे पढ़ाई जाए, ताकि जुलूस में शामिल अकीदतमंद नमाज भी अदा कर सकें। अंजुमन गुलाम-ए-मुस्तफा नौजवान कमेटी सराय फाटक के सदर हाफिज सब्बू ने बताया कि बारहवीं रबी-उल-अव्वल के मौके पर वीर विनय चौराहा पर भव्य स्वागत द्वार बनाया जाएगा। साथ ही पूरे मुख्य बाजार को रंग-बिरंगी झालरों और लाइटों से सजाकर एक आकर्षक रूप दिया जाएगा।