बलरामपुर। बजाज चीनी मिल इटईमैदा किसानों का सवा अरब रुपये दबाए बैठी है। किसानों ने आरोप लगाया है कि चालू पेराई सत्र में मिल ने फूटी कौड़ी का भुगतान नहीं किया है।
बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान पाने के लिए करीब 35 हजार किसान मिल प्रबंधन व विभाग के चौखट का चक्कर लगा रहे हैं। प्रशासन के स्तर पर कार्रवाई न होने से किसानों में भारी आक्रोश है। चीनी मिल बलरामपुर व शुगर कंपनी तुलसीपुर ने चालू पेराई सत्र में खरीदे गए गन्ने का सभी किसानों को पूरा भुगतान कर दिया है।
किसान नंदकुमार, महेन्द्र, कल्लू, दयाचंद्र, राजमणि, बेचन, रंजीत, बाबूराम व राम सुंदर आदि ने बताया कि बजाज चीनी मिल इटईमैदा ने पेराई सत्र 2020-21 को अभी तक कोई भुगतान नहीं किया है।
बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान न होने से किसानों में भारी आक्रोश है। बजाज चीनी मिल इटईमैदा से जुड़े 35 हजार किसानों को बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान पाने के लिए दौड़ लगानी पड़ रही है।
किसानों का आरोप है कि हर साल मिल प्रबंधन बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान करने में फिसड्डी रही है। परिवार का खर्च चलाने के लिए किसानों को कर्ज लेना पड़ रहा है। किसानों ने मिल प्रबंधन से बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराने के लिए प्रशासन से मांग की है।
बजाज चीनी मिल इटईमैदा चालू पेराई सत्र का करीब एक अरब 30 करोड़ रुपये किसानों का गन्ना मूल्य बकाया है। चालू पेराई सत्र में बलरामपुर चीनी मिल व शुगर कंपनी तुलसीपुर ने अपने क्षेत्र से जुड़े समस्त किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया है।