गैड़ास बुजुर्ग। बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल यूनिट इटईमैदा गन्ना किसानों का 44 करोड़ 14 लाख सात हजार रुपये आठ महीनों से दबाए है। दीपावली से पहले बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान न हुआ तो किसानों की पर्व फीका रहेगा। पिछले पेराई सत्र का 20 जनवरी के बाद से चीनी मिल ने भुगतान नहीं किया है। किसानों ने डीएम से बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान दीपावली से पहले कराने की मांग की है।
किसान मयाराम, राजकुमार, इरफान, जुम्मन चौधरी, शकील अहमद, अभिमन्यु सिंह व इकराम चौधरी ने डीएम को पत्र भेजा। कहा कि वर्ष 2024-25 का पेराई सत्र 26 नवंबर से शुरू हुआ था। 15 फरवरी तक मिल ने गन्ना खरीदा था। इस पेराई सत्र में केवल 46 दिन तक खरीदे गए गन्ने के मूल्य का भुगतान किसानों को किया है। इसके बाद चीनी मिल ने 35 दिनों का गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया है। कई बार शिकायत के बाद भी मिल बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं कर रही है। जबकि गन्ना बेचने के बाद 15 दिन में किसानों को भुगतान करने का आदेश है। आठ महीनों से मिल का चक्कर काट रहे हैं, भुगतान की कोई बात ही नहीं कर रहा है। किसान हरिशंकर ने बताया कि शारदीय नवरात्र शुरू हो गया है। दशहरा व दीपावली से पहले बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान हो जाए तो किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
सिर्फ 71.46 करोड़ का हुआ भुगतान
पिछले पेराई सत्र में बजाज चीनी मिल इटईमैदा ने एक अरब 15 करोड़ 59 लाख 61 हजार रुपये का किसानों से गन्ना खरीदा है। अभी तक सिर्फ 71 करोड़ 45 लाख 54 हजार रुपये का भुगतान किया गया है। मिल को 20 हजार से अधिक किसानों का 44 करोड़ 14 लाख सात हजार रुपये बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करना है।
भुगतान के लिए कई बार जारी किया नोटिस
बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल यूनिट इटईमैदा से किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराने के लिए कई बार नोटिस भी जारी किया जा चुका है। दीपावली से पहले किसानों को बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराने का प्रयास किया जा रहा है।
- संजय कुमार, जिला गन्ना अधिकारी