बलरामपुर। जिले के स्वास्थ्य विभाग में हुए घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने सख्ती बढ़ा दी है। जांच के तहत पिछले कुछ दिनों में जिले में तैनात रहे पांच मुख्य चिकित्साधिकारियों (सीएमओ), दो जिला अस्पतालों के सीएमएस, नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अधीक्षकों और आधा दर्जन लिपिकों को तलब कर उनके बयान दर्ज किए गए हैं। एसआईटी ने घोटाले से जुड़े महत्वपूर्ण अभिलेख भी तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
वर्ष 2016 से 2024 के बीच दवाओं की खरीद, उपकरण आपूर्ति और अस्पतालों के मेंटेनेंस कार्यों में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। इसी प्रकरण में 17 सितंबर 2025 को पूर्व विधायक पयागपुर (बहराइच) मुकेश श्रीवास्तव, उनके भाई तथा दो पूर्व सीएमओ के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है। जांच एजेंसियों को लंबे समय तक जरूरी दस्तावेज नहीं मिल रहे थे, लेकिन सख्ती के बाद अब ज्यादातर रिकॉर्ड उपलब्ध करा दिए गए हैं।
एसआईटी जांच अधिकारी हंसलाल ने बताया कि कई अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं तथा लगभग सभी जरूरी दस्तावेज मिल गए हैं। जो शेष हैं उन्हें तत्काल देने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच अंतिम चरण में है और जल्द ही पूरी रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी।